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अपहृता की बरामदगी को धरने पर बैठे

अपहृता की बरामदगी को धरने पर बैठे

नाबालिग अपहृता की बरामदगी को लेकर नगर थाना गेट पर गुरुवार को मां,बहन व दादी हाथ में तख्ती लिये धरना पर बैठ गयीं। तख्ती पर लिखा था अपहरण के एक वर्ष बीता गये, लेकिन कहीं क ोई पता नहीं चला। नगर थाने में केस भी हुआ लेकिन आरोपित पकड़े नहीं गये। एसपी से लेकर डीजीपी तक गुहार लगायी गयी लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो सकी। आरोपित लोग अपहृत लड़की के पिता को एक झूठे केस में फंसाकर जेल भेजवा दिया है। अभी वे जेल में ही हैं। घटना के बाद व अभिभावक के जेल जाने के कारण पारिवारिक स्थिति चरमरा गयी है। बच्चे की पढ़ाई व भोजन पर भी संकट हो गया है। नगर पुलिस के धरना पर बैठे लोगों को आश्वासन दे रहे थे कि आरोपित को गिरफ्तार किया जायेगा , धरना वापस लें। अपहृता की मां के बयान पर 12 जून 16 को नगर थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी थी। अनुसंधान में पांच लोगों के नाम सामने आये। जिसमें उपेन्द्र कुमार, शशिनंद कुमार, चंदन कुमार, अनिमा कुमारी व दुर्गावती देवी शामिल हैं। सदर डीएसपी अपने पर्यवेक्षण में 25 जून 16 को ही उक्त आरोपितों पर आरोप को सही पाया था। उनलोगों की गिरफ्तारी का आदेश दिया था। फरारी की स्थिति में कुर्की जब्ती का भी आदेश दिया था। अब तक न ही लड़की का पता चला और न ही किसी आरोपित की गिरफ्तारी ही हुई। धरने पर अपहृता की दो बहनें, एक भाई, मां व दादी बैठे थे। क्या है मामला: केसरिया थाने के एक गांव की महिला अपने बच्चों को पढ़ाने के लिये शहर के एक मोहल्ले में रहने लगी। 12 जून को धर्मसमाज चौक पर सामान खरीदने जाने के दौरान उसकी दूसरी बच्ची का अपहरण कर लिया गया।

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  • Web Title:protest for capture of the abduction.