निजी नर्सिंग होम में हंगामा रुपये छीनने का आरोप
रक्सौल के अनुमंडल अस्पताल में इलाज कराने आई गर्भवती महिला को निजी अस्पताल में जबरन ले जाने पर हंगामा हुआ। परिवार से 37 हजार रुपये और मोबाइल छीनने की घटना के बाद, सामाजिक कार्यकर्ता पूर्णिमा भारती के नेतृत्व में लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाए। एसडीओ मनीष कुमार ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए जांच समिति गठित करने की बात कही।
रक्सौल, नगर संवाददाता। अनुमंडल अस्पताल में इलाज कराने पहुंची गर्भवती महिला को जबरन निजी अस्पताल में ले जाने पर हंगामा हुआ। निजी अस्पताल में प्रसूता के परिजनों से अधिक रुपये की मांग की गयी। विरोध करने पर प्रसूता के परिजनों से मारपीट कर 37 हजार रुपये व मोबाइल फोन छीन लिये गये। इसके बाद हंगामा वहां जोर पकड़ लिया। सामाजिक कार्यकर्ता पूर्णिमा भारती के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग निजी अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन पर आर्थिक शोषण और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। उनका कहना था कि भर्ती के बाद मरीज के परिजनों से कथित रूप से मोटी रकम वसूली गई और सिजेरियन ऑपरेशन के लिए दबाव बनाया गया।
प्रसूता के परिजन जागरूप साह ने वीडियो बयान जारी कर आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन से जुड़े और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की, दुर्व्यवहार किया। नगद रुपये व मोबाइल फोन छीन लिये। अस्पताल में भर्ती का पुर्जा छीनकर फाड़ दिया गया। सहदेवा निवासी गर्भवती कविता देवी 22 दिसंबर को अनुमंडल अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची थी। जहां डॉक्टर रिजवाना खुर्शीद ने जांच कर दवाइयां लिखी थीं। इसके बाद स्थानीय आशा कार्यकर्ता ने बेहतर इलाज का प्रलोभन देकर उसे निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। विवाद बढ़ने पर आशा कार्यकर्ता मौके से फरार हो गईं। प्रसूता महिला ने एसडीओ को इस मामले में कार्रवाई के लिये आवेदन दिया। इस संबंध में रक्सौल एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि मामला गंभीर है। इसकी जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी।

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