Hindi NewsBihar NewsMotihari NewsOwaisi Criticizes Nitish and Lalu s Rule in Bihar Promises Development
लालू-नीतीश के राज से बिहार को दिलाना है छुटकारा: ओवैसी

लालू-नीतीश के राज से बिहार को दिलाना है छुटकारा: ओवैसी

संक्षेप:

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नीतीश और लालू के शासन को जंगलराज बताते हुए कहा कि बिहार को तरक्की की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना है। चुनावी सभा में उन्होंने एनडीए और महागठबंधन को निशाने पर लिया। ओवैसी...

Oct 29, 2025 04:53 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मोतिहारी
share Share
Follow Us on

सिकरहना (पू.चं.), नि.सं.। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्यमंत्री नीतीश के 20 साल व लालू परिवार के 15 साल के शासन को जंगलराज बताते हुए कहा कि दोनों से बिहार को छुटकारा दिलाना है। उन्होंने कहा कि दोनों के शासनकाल को खत्म कर बिहार को तरक्की की नई उंचाइयों पर पहुंचाया जाएगा। ओवैसी मंगलवार को ढाका हाई स्कूल के मैदान में ढाका विधानसभा से एआईएमआईएम के प्रत्याशी राणा रंजीत सिंह के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने एनडीए व महागठबंधन दोनों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की हकीकत यह है कि 14 फीसदी वाले को 36 प्रतिशत टिकट देते हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

तीन फीसदी वाले वीआईपी के लोग अपने को उप मुख्यमंत्री कहते हैं और 17 प्रतिशत अल्पसंख्यक को लॉलीपॉप दिया जाता है। ओवैसी ने कहा कि हमें दरी बिछाने वाला समझा जाता है। हमें बराबरी का हिस्सा चाहिए। हम किसी के गुलाम नहीं हैं। यदि मल्लाह का बेटा उपमुख्यमंत्री बन सकता है तो क्या आदम का बेटा मुख्यमंत्री नहीं बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई आपकी है और फैसला आपको करना है। घुसपैठियों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह बार-बार घुसपैठियों को निकालने की बात करते हैं। आखिर घुसपैठिये आते कहां से हैं। सीमा पर बीएसएफ के जवान तैनात हैं। बिहार में आपकी सरकार है। साढ़े छह लाख व साढ़े तीन लाख घुसपैठियों को तो आपने निकाल दिया लेकिन दिल्ली में जो घुसपैठिये हैं, उन्हें क्यों नहीं निकाल रहे हैं। एक घुसपैठिया बांग्लादेश से आयी हैं। उन्होंने कहा कि 48 प्रतिशत लोग बिहार से पलायन कर बाहर कमाने के लिए चले जाते हैं। इनमें 30 से 50 प्रतिशत लोग अपने परिवार से मरहूम हो जाते हैं। यही डबल इंजन की सरकार में विकास है।