DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सांसद कोटे की एम्बुलेंस पर एनजीओ का स्टिकर

जिले के सांसद व विधायक के द्वारा दिये गये करीब डेढ़ दर्जन एम्बुलेंसों में कई पर एनजीओ संचालकों ने सांसद व विधयाक के नाम को ढंक कर अपना पोस्टर लगा दिया है। साथ ही बगैर रजिस्टे्रशन व इंश्योरेंस के संचालन भी कर रहे हैं।

इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति ने सिविल सर्जन जन प्रतिनिधियों के द्वारा दिये गये एम्बुलेंस की अद्यतन स्थिति की जानकारी दो दिनों के अन्दर देने का निर्देश दिया है।

एम्बुलेंस मुफ्त में व भाड़ा भी दे रही है जिला स्वास्थ्य समिति : मोतिहारी सांसद राधामोहन सिंह ने करीब एक दर्जन एम्बुलेंस, बेतिया सांसद डा. संजय जायसवाल, शिवहर सांसद रमा देवी व ढाका विधायक फैसल रहमान ने जनहित में एम्बुलेंस जिला स्वास्थ्य समिति को दिया। मगर पूर्व सिविल सर्जन ने इन सभी एम्बुलेंसों को संचालित कर रहे एनजीओ को संचालन करने के लिए दे दिया है। एनजीओ को प्रतिमाह करीब एक लाख दस हजार रुपये भाड़ा भी देने का आदेश पारित कर दिया।

जिप अध्यक्ष ने किया था विरोध: इसका विरोध जिप अध्यक्ष प्रियंका जायसवाल ने किया था । उन्होंने एम्बुलेंसों के भाड़ा पर रोक लगाते हुए वरीय अधिकारी से मार्ग दर्शन मांगने का निर्देश दिया था कि जन प्रतिनिधियों के द्वारा दिये गये एम्बुलेंस को एनजीओ को दिया जा सकता है या नहीं। बताते हैं कि रोक के बावजूद भी जिला स्वास्थ्य समिति से इन एम्बुलेंसों का भुगतान किया गया। जिसको लेकर जिप अध्यक्ष ने आपत्ति जतायीं। वरीय पदाधिकारी को इसकी शिकायत करने की भी चेतावनी पूर्व सीएस डा. प्रशान्त कुमार सहित जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों को दिया था।

राज्य स्वास्थ्य समिति से मांगी गयी रिपोर्ट से अफरातफरी: राज्य स्वास्थ्य समिति से मांगी गयी रिपोर्ट से जिला स्वास्थ्य समिति में अफरातफरी का माहौल बन गया है। सबसे अधिक परेशानी जन प्रतिनिधियों के द्वारा दिये गये एम्बुलेंसों के रजिस्टे्रशन व इंश्योरेंस को लेकर है। बताते हैं कि इन वाहनों का रजिस्ट्रेशन व इंश्योरेंस कराने का जिम्मा जिला स्वास्थ्य समिति ने एनजीओ को दिया था। कई महीने गुजर गये अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका।

कहते हैं डीपीएम: जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अमित अचल ने बताया कि एम्बुलेंस देने का निर्देश पूर्व सिविल सर्जन का था। भुगतान भी उन्हीं के निर्देश पर किया गया। राज्य स्वास्थ्य समिति से मांगी गयी रिपोर्ट भेजी जा रही है।

द्वारा दिये गये एम्बूलेंस का रजिस्ट्रशन व इंश्योरेंस कराना है। नही कराने पर भाड़ा रोक दिया जायेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:NGO sticker on MP quota ammunition sticker