नेपाल में छिटपुट घटनाओं के बीच हुआ मतदान
नेपाल में प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन के लिए मतदान प्रक्रिया संपन्न हो गई है। 60% के करीब मतदान होने की सूचना है। कुछ स्थानों पर मामूली झड़पें हुईं लेकिन चुनाव बड़े पैमाने पर व्यवस्थित रहा। पर्सा जिले में 65% से अधिक मतदान का अनुमान है और मतगणना की तैयारी शुरू हो गई है।

रक्सौल,एक संवाददाता। प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन के लिए गुरुवार को नेपाल भर में मतदान की प्रक्रिया संपन्न हो गयी। आशंका और चुनौतियों के बीच कुछ स्थानों पर हुई मामूली झड़पों को छोड़कर, चुनाव बड़े पैमाने पर व्यवस्थित रहा। नेपाल में 60प्रतिशत के करीब मतदान होने की सूचना हैै। निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय के अनुसार, मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे समाप्त हुआ। निर्वाचन आयुक्त डॉ. जानकी कुमारी तुलाधर के अनुसार, निर्धारित समय खत्म होने के बावजूद जो मतदाता शाम 5 बजे तक मतदान केंद्रों की कतार में खड़े थे, उन्हें वोट डालने की अनुमति दी गई।
आयोग ने जानकारी दी है कि अभी तक किसी भी मतदान केंद्र पर चुनाव औपचारिक रूप से रद्द नहीं किया गया है। दोलखा, सर्लाही व रौतहट में कुछ समय के लिए विवाद की स्थिति बनी थी, जिसे सुलझा लिया गया। दोलखा के तामाकोशी-4 स्थित मालू मतदान केंद्र पर कुछ समय के व्यवधान के बाद मतदान पुनः सुचारू रूप से शुरू हुआ।पर्सा जिला में 65 प्रतिशत से अधिक मतदान का अनुमान, मतगणना की तैयारी शुरूरक्सौल। वीरगंज (पर्सा) जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा प्राप्त प्रारंभिक विवरणों के अनुसार, पर्सा जिले में मतदान उत्साहजनक रहा है। जिले भर के विभिन्न मतदान केंद्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यहाँ 65 प्रतिशत से अधिक मतदान होने का अनुमान लगाया गया है। पर्सा निर्वाचन क्षेत्र संख्या 1 के निर्वाचन अधिकारी गायत्री प्रसाद रेग्मी ने जानकारी दी कि मतगणना प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी मतदान केंद्रों से आधिकारिक विवरण और मतपेटियों को सुरक्षित रूप से संकलित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। लोकतंत्र के इस महापर्व को निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सोमवार की मध्य रात्रि से ही बॉर्डर सील है,जो चुनाव उपरांत गुरुवार मध्य रात्रि से खुलेगा। नेपाल में जेएनजी आंदोलन के बाद यह पहला चुनाव हो रहा है, जिसमें युवा मतदाताओं की सहभागिता और उत्साह चरम पर दिखी। बिहार से लगे नेपाल के तराई क्षेत्र के जिलों, विशेषकर परसा और बारा में मतदान सुबह 7बजे से ही शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। मतदाताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है और लंबी कतारें इस बात का प्रमाण हैं कि लोग राजनीतिक स्थिरता और विकास के लिए अपना मत दे रहे हैं। नेपाली संसद के कुल 275 सीट के लिए यह चुनाव हो रहा है । इसमें 165सीट पर फस्ट पास्ट द पोस्ट(प्रत्यक्ष )प्रणाली के तहत मतदान हो रहा है,जबकि,110सीट प्रायोगिक प्रतिनिधित्व (समानुपातिक पद्धति से भरी जाएंगी,जो मतदाताओं द्वारा दलों को दिए गए वोट के अनुपात से तय होंगी)। चुनाव आयोग में 114 राजनीतिक पार्टियां प्रतिनिधि सभा चुनाव के लिए रजिस्टर्ड हुई हैं,जिसमें करीब 65 राजनीतिक दल इस चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं। कुल 3406 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें 3017पुरुष और 388महिलाएं ,एक अन्य एक उम्मीदवार शामिल हैं। कुल मतदाता की संख्या 18,903,689 (लगभग 1.89करोड़)है । पुरुष मतदाता की संख्या लगभग 51 प्रतिशत और महिलाओं की संख्या49प्रतिशत है । देश भर में करीब 3लाख 50हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है,जिसमें नेपाल सेना, एपीएफ और पुलिस बल शामिल हैं। अब तक अलग अलग आंकड़ों के देश के विभिन्न जिलों में तहत 40 से50 प्रतिशत मतदान हुआ है ।मतदान केंद्र पर विवाद : ओखलाढुंगा जिला में मतदान केंद्र पर झड़प होने के कारण 13 राउंड गोली चली । सेना ने मोर्चा संभाला है। मतदान तत्काल रुक गया है।सीमा पर कड़ी चौकसी:चुनाव के मद्देनजर रक्सौल-बीरगंज बॉर्डर सहित नेपाल से जुड़ी तमाम अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को 72 घंटों के लिए पूरी तरह सील कर दिया गया है। रक्सौल बॉर्डर पर भारतीय एसएसबी और नेपाल के सुरक्षा बलों द्वारा संयुक्त गश्त की जा रही है। केवल एम्बुलेंस और आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को ही आवाजाही की अनुमति दी जा रही है।हालाकि,भारत की ओर से लौट रहे नेपाली नागरिक अपने आई कार्ड दिखाने और बोर्डर पर कड़ी जांच के बाद मतदान के लिए पैदल जाते देखे गए।इधर,संयुक्त गश्त और निगरानी के बीच असामाजिक तत्वों और अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का सहारा लिया जा रहा है। रक्सौल वीरगंज मैत्री पुल पर एसएसबी डॉग स्क्वायड के साथ मुस्तैद है।पल पल की स्थितियों पर नजर बनी हुई है।उधर,शंकराचार्य गेट से पहले ही नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स ने बैरियर गिरा कर बोर्डर को लॉक कर रखा है। कड़ा पहरा जारी है।बीच बीच में नेपाल सेना की अलग अलग टुकड़ी बख्तरबंद वाहनों से गश्त कर रही है।हेलीकॉप्टर से भी सेना और प्रशासन हवाई गश्त करते हुए स्थिति पर नजर रख रही है।निर्वाचन शसस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस भी मुस्तैद है।परसा और बारा का हाल:बिहार से लगे नेपाल के तराई क्षेत्र के जिलों, विशेषकर परसा और बारा में मतदान सुबह 7बजे से ही शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। मतदाताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है और लंबी कतारें इस बात का प्रमाण हैं कि लोग राजनीतिक स्थिरता और विकास के लिए अपना मत दे रहे हैं।परसा जिला में पूर्व मंत्री प्रदीप यादव और संविधान सभा सदस्य अनिल रुंगटा ,,पूर्व सांसद वीणा जायसवाल,मेयर राजेश मान सिंह ने अपने अपने मतदान केंद्रों पर पहुंच कर मतदान किया।मतदान केंद्रों पर मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा है।नेपाली मतदाता देते है दो वोटनेपाल में मतदाता दो वोट देते हैं।यह व्यवस्था भारत से काफी अलग है।सुरक्षा घेरा के बीच वहां की चुनावी प्रक्रिया में बैलेट बॉक्स सबके नजरों के सामने रहता है। एनबीआई के चुनाव पर्यवेक्षक अशोक वैध ने बताया कि नेपाल में वोटर एक वोट उम्मीदवार को और दूसरा वोट पार्टी को देता है।इसी कारण वहां दो बैलेट पेपर इस्तेमाल होते हैं और इसे मिक्स्ड इलेक्टोरल सिस्टम कहा जाता है।
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