
मोतीझील व डुमरियाघाट सरोतर झील के नोटिफिकेशन को भेजा प्रस्ताव
मोतिहारी में मोतीझील और डुमरियाघाट को वेटलैंड घोषित करने के लिए बिहार सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। वेटलैंड बनने से प्रवासी पक्षियों के आवासन में सुविधा बढ़ेगी और कानूनी संरक्षण से अतिक्रमण और प्रदूषण रोका जा सकेगा। सरोतर झील बिहार का तीसरा वेटलैंड होगा, जो पक्षियों के लिए अनुकूल है।
मोतिहारी। मोतिहारी वन प्रमंडल की ओर से शहर का मोतीझील व डुमरियाघाट का सरोतर झील के नोटिफिकेशन के लिये बिहार सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। अधिसूचित घोषित होने के बाद केन्द्र सरकार की सहमति से दोनों झीलों पर वेटलैंड बनेगा। वेटलैंड बनने पर पक्षियों के आवासन की सुविधा बढ़ायी जायेगी। प्रवासी पक्षियों का दोनों वेटलैंड में आने की संभावना और बढ़ जायेगी। वैसे तो सरोतर झील में पहले से ही सैकड़ों की संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। उनके ठहराव की सभी संभावनाएं पूरी की जायेगी। वहीं नोटिफिकेशन होने के बाद कानूनी संरक्षण के साथ अतिक्रमण, प्रदुषण व अवैध निर्माण भी रोके जाएंगे।
दोनों वेटलैंड बर्ड वॉचिंग व इको टूरिज्म के लिये आकर्षण का केन्द्र बन सकता है। बिहार का तीसरा वेटलैंड सरोतर होगा : सरोतर झील बिहार का वह तीसरा वेटलैंड होगा जहां विदेशी पक्षियों का चार माह तक ठहराव होता है। बिहार में बेगुसराय का कावर झील व जमुई के नागा नटकी झील वेटलैंड के रुप में विकसित हो चुका है। एक्सपॉर्ट ने कहा वेटलैंड का सभी शर्त पूरा करता है : केन्द्रीय सर्वे टीम ने हाल में ही दोनों झीलों का सर्वे किया था। सर्वे टीम का नेतृत्व कर रहे एक्सपॉर्ट उड़ीसा के डॉ सरोज बारिक ने वन विभाग को जानकारी दी कि सरोतर झील वैटलैंड की सभी शर्तो को पूरा करती है। इस प्रकार मोतीझील को भी वेटलैंड का उपयुक्त स्थान बताया था। दो दिनों तक झील के भ्रमण के बाद कई सारी जानकारियां डीएफओ को दी। टीम ने डीएफओ को जानकरी दी थी कि इसका विकास अनिवार्य रुप से होना चाहिए। विदेशी पक्षियों के प्रवास का यह अनुकूल स्थान है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




