जिले के 27 मॉडल स्कूलों में नामांकन की तैयारी
मोतिहारी जिले के चार मॉडल स्कूलों में अप्रैल से बच्चों के नामांकन की तैयारी शुरू हो गई है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा के निर्देश पर सभी प्रखंडों में आदर्श विद्यालय चुने गए हैं। डीपीओ ने मॉडल स्कूलों का निरीक्षण किया और शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की। दो स्कूलों की स्थिति खराब पाई गई है।

मोतिहारी /अरेराज, निसं। जिले के चार मॉडल स्कूलों में अप्रैल माह से बच्चों के नामांकन को लेकर तैयारी आरंभ कर दी गई है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों में एक-एक आदर्श विद्यालय का चयन किया गया है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चयनित मॉडल स्कूल का निरीक्षण करने को लेकर प्राप्त निर्देश के आलोक में डीपीओ ने अरेराज अनुमंडल क्षेत्र के मॉडल स्कूलों का स्थल निरीक्षण किया है।स्थलीय निरीक्षण के बाद डीपीओ नित्यम गौरव ने बताया कि चार मॉडल विद्यालयों का निरीक्षण किया गया है।जिले के सभी 27 मॉडल स्कूलों में नए सत्र अप्रैल से एनएसपी उत्तीर्ण बच्चों का नामांकन होना है।
शिक्षकों की कमी नहीं रहे इसको लेकर शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है। स्थलीय निरीक्षण के क्रम में राजकीय कृत उच्च विद्यालय मलाही व नोनेया पहाड़पुर में इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थिति बदतर पाई गई है। दोनों मॉडल स्कूल के एचएम को महज सात दिनों के भीतर मानक के अनुरूप लैब लाइब्रेरी,ड्रिंकिंग वाटर,सैनिटरी पैड वेडिंग मशीन, इनडोर स्पोर्ट्स ,म्यूजिक रूम आदि की व्यवस्था सुदृढ़ करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि तुलनात्मक दृष्टिकोण से उक्त दोनों विद्यालयों की अपेक्षा राजाराम उच्च विद्यालय तुरकौलिया व उच्च विद्यालय गायघाट की स्थिति बेहतर पाई गई है। उन्होंने बताया कि बिहार के सभी प्रखंड में एक एक मॉडल स्कूल खोलने की योजना का एक मात्र उद्देश्य यह है कि उस प्रखंड क्षेत्र के अन्य विद्यालय भी मॉडल स्कूल के शैक्षणिक वातावरण को देखकर उसका अनुसरण कर सकेंगे जिसका शैक्षणिक वातावरण पर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ेगा। मॉडल स्कूल की प्रस्तुति व संचालन को देखकर अन्य स्कूल भी अनुकरण कर सकेंगे।
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