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25 जनवरी, 2021|3:21|IST

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विधायक ने सीएम को लिखा पत्र

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मैट्रिक परीक्षा से उर्दू विषय की अनिवार्यता खत्म करने के मामले में नरकटिया विधायक डा. शमीम अहमद व हरसिद्धि विधायक राजेन्द्र राम ने सीम को पत्र लिखा है। विधायक द्वेय ने सीएम के नाम अपने पत्र में लिखा है कि उर्दू बिहार की दूसरी सरकारी जुबान है। मैट्रिक परीक्षा में पूर्व से यह मातृभाषा की श्रेणी में था। लेकिन विगत 15 मई 2020 को विभागीय अधिसूचना जारी मैट्रिक परीक्षा से उर्दू की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। जिसको उर्दू भाषियों में नाजारागी पाई जा रही है। मातृभाषा को ऐच्छिक विषय बनाना घोर अन्याय है। उन्होंने माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर पर उर्दू को मातृभाषा के रूप में शामिल करने तथा सभी स्कूलों में अनिवार्य रूप से उर्दू विषय के शिक्षक बहाल करने की मांग की। उल्लेखनीय डा. अहमद ने खैरवा में इसको लेकर हस्ताक्षर अभियान की शुरूआत भी की। मौके पर मेहरे आलम, हारून रशीद, मो. नदीम, मो. अमानुल्लाह, फिरोज आलम आदि थे।