न्यायालयीय अभिलेखों व हस्ताक्षरों के फर्जीवाड़ा में एफआईआर दर्ज
मोतिहारी में दाखिल-खारिज मामलों की जांच के दौरान फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। डीसीएलआर के निरीक्षण में पाया गया कि कुछ व्यक्तियों ने फर्जी दस्तावेजों और न्यायालयीय आदेशों का उपयोग कर लाभ लेने की कोशिश की। एफआईआर दर्ज कराने के लिए छतौनी थाने में आवेदन दिया गया है।

मोतिहारी, हिप्र.। सदर मोतिहारी अंचल में शनिवार को दाखिल-खारिज मामलों की जांच के दौरान एक बड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। डीसीएलआर (भूमि सुधार उप समाहर्ता), सदर मोतिहारी की ओर से किए गए निरीक्षण व सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि कुछ व्यक्तियों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और न्यायालयीय आदेशों का उपयोग कर दाखिल-खारिज मामलों में अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया है। इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए छतौनी थाने में आवेदन दिया गया है।डीसीएलआर के निरीक्षण में हुआ खुलासा : दस्तावेजों के सत्यापन के क्रम में डीसीएलआर सदर की ओर से किए गए निरीक्षण में पाया गया कि कुछ व्यक्तियों ने कथित रूप से न्यायालय, भूमि सुधार उप समाहर्ता, सदर मोतिहारी के नाम पर फर्जी दाखिल-खारिज अपील वाद संख्या 788/2023-24 एवं 789/2023-24 को ऑनलाइन अपलोड कर दाखिल-खारिज प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया है।
जांच में यह भी आशंका व्यक्त की गई कि सरकारी आदेशों, न्यायालयीय अभिलेखों तथा हस्ताक्षरों की फर्जी प्रतियां तैयार कर उनका दुरुपयोग किया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कथित फर्जी आदेशों व दस्तावेजों के माध्यम से अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ की गई तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता, सदर के हस्ताक्षर की नकली प्रतिलिपियों का उपयोग किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मामला केवल जालसाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संगठित अपराध व सूचना प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग के पहलू भी शामिल प्रतीत होते हैं। कई लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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