LNG College admits PG s education - एलएनडी कॉलेज में पीजी की पढ़ाई को हरी झंडी DA Image
7 दिसंबर, 2019|10:47|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एलएनडी कॉलेज में पीजी की पढ़ाई को हरी झंडी

पीजी में नामांकन को इच्छुक छात्रों के लिए अच्छी खबर है। शहर के एलएनडी कॉलेज में सात विषयों में पीजी की पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया है। इनमें विज्ञान के दो व कला के पांच विषय हैं। इसको लेकर विश्वविद्यालय के एकेडमिक काउंसिल की बुधवार को हुई बैठक में हरी झंडी दी गयी।

पीजी की पढ़ाई को लेकर टीम पूर्व में कर चुकी थी निरीक्षण : कॉलेज में पांच विषयों विज्ञान में भौतिकी व रसायन शास्त्र तथा कला के विषयों में राजनीति विज्ञान, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र व मनोविज्ञान में पीजी की पढ़ाई के लिए प्रस्ताव दिया गया था। जिसके आलोक में विश्वविद्यालय की टीम ने कॉलेज में आधारभूत सुविधाओं की पड़ताल कर विश्वविद्यालय को अपनी रिपोर्ट दी थी। प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार ने बताया कि एकेडमिक काउंसिल ने कला के उपरोक्त सभी पांच विषयों में 32-32 सीटों व विज्ञान के दो विषयों में 16-16 विषयों में नामांकन की मंजूरी दी है।

नैक की पीयर टीम ने की थी सिफारिश : नैक से मूल्यांकन के दौरान आयी पीयर टीम ने यहां पीजी की पढ़ाई व इसे रिसर्च सेंटर के रूप में विकसित करने की सिफारिश की थी। एकेडमिक काउंसिल से मंजूरी मिलने के पीछे नैक टीम के सुझाव की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

तीन नये वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई को लेकर 20 को आयेगी टीम : एलएनडी कॉलेज में तीन नये वोकेशनल कोर्स के संचालन की उम्मीद बढ़ गयी है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने चार सदस्यीय जांच दल का गठन कर दिया है। प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार ने बताया कि यहां बीबीए, पीजी इन डिप्लोमा इन योगिक स्टडीज व बैचलर इन जर्नलिज्म एण्ड मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई का प्रस्ताव दिया गया था। जांच टीम 20 मई को यहां आयेगी। टीम में विश्वविद्यालय पीजी विभाग हिन्दी के प्रो. सतीश कुमार राय, दर्शनशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. कमला कुमारी, कॉमर्स के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेमानंद व इंस्पेक्टर ऑफ आर्ट्स हैं।

एमएस कॉलेज के प्राचार्य ने सीटों में भारी कटौती का उठाया मुद्दा : एमएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने एकेडमिक काउंसिल की बैठक में उनके यहां पीजी विषयों के सीट में भारी कटौती किये जाने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने इसे छात्र विरोधी कदम बताते हुए कहा कि इससे कॉलेज व विश्वविद्यालय के लिए भारी समस्या खड़ी हो जाएगी। एक ओर जहां सरकार उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, वहीं दूसरी ओर यहां सीटों की भारी कटौती हो रही है। जबकि पूर्व में विश्वविद्यालय के आदेश पर ही पीजी में नामांकन हुए। उन्होंने कहा कि विज्ञान के प्रत्येक विषय में 16-16 सीट दिये गये हैं। जबकि इसमें भी 8 रिजर्व कोटी में चला जाएगा। ऐसे में कैसे छात्रों का नामांकन हो पायेगा। उन्होंने निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। जिस पर दस दिन के अंदर पीजी कोर्स संचालित कॉलेजों के प्राचार्य की बैठक बुलाकर समीक्षा करने का निर्णय लिया गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:LNG College admits PG s education