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केविवि की भूमि अधिग्रहित कर की जाएगी घेराबंदी

महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के संसाधनों में वृद्धि हो और विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिले, इसके लिए तीन माह की अल्पकालिक व एक वर्ष की दीर्घकालिक योजनाएं बनाई गई हैं।

विश्वविद्यालय के विद्यापरिषद की यहां कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई तृतीय बैठक में योजनाओं की रूपरेखा तय की गयी। इस दौरान अल्पकालिक योजना के तहत बिहार सरकार द्वारा विश्वविद्यालय को उपलब्ध करायी गयी 34 एकड़ भूमि का वास्तविक अधिग्रहण करना तथा उसकी तात्कालिक सुरक्षा के लिए कांटेदार तारों तथा सीमेंट स्तम्भों से उसकी चहारदिवारी करने की योजना बनी। वहीं, उक्त भूमि के अतिरिक्त बिहार सरकार द्वारा शेष आवंटित भूमि के विश्वविद्यालय द्वारा अधिग्रहण की बाधाओं को रेखांकित करना तथा बाधा-निवारण की कार्ययोजना बनाने समेत कुल 15 बिन्दुओं पर योजनाएं बनायी गयीं।

इसी तरह 30 बिन्दुओं पर आधारित दीर्घकालिक योजनाएं बनायी गयी हैं। बिहार सरकार द्वारा प्रदत्त तथा विश्वविद्यालय द्वारा अधिगृहित भूमि पर न्यूनतम 50 वर्ष के आकलन के अनुरूप विस्तृत परियोजना स्टीमेट तैयार कराना, उसके अनुरुप यथाशीघ्र समस्त आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं विवि अनुदान आयोग से अनुदान प्राप्त कर निर्माण कार्य प्रारम्भ कराने का निर्णय लिया गया। पारम्परिक विषयों व समकालीन समयानुकूल आवश्यकताओं तथा व्यावसायिक उपयोगिता वाले पाठ्यक्रमों व कौशल विकास कार्यक्रमों का संचालन प्रारंभ करने व शैक्षणिक विभागों के विभिन्न स्तरीय पदों की चयन प्रक्रिया प्रारम्भ करने की बात कही गयी। जनसम्पर्क प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. पवनेश कुमार ने उपरोक्त जानकारियां देते हुए बताया कि कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा ने पद ग्रहण करने के साथ ही तेजी से फैसला लेना शुरु कर दिया है।

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  • Web Title:Land of Mahatma Gandhi Central University will be acquired by the siege