
पीएचसी में लैब और अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने से बढ़ी समस्या
रामगढ़वा के पीएचसी में हर महीने 250 से 300 महिलाओं का प्रसव और करीब 200 मरीजों की जांच होती है। हाल ही में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। लैब और अल्ट्रासाउंड मशीन की कमी के कारण मरीजों को बाहर जांच कराने में अधिक खर्च करना पड़ता है। पीएचसी प्रभारी ने इस कमी की सूचना सिविल सर्जन को दी है।
रामगढ़वा, एक संवाददाता। पीएचसी में महीना में दो सौ पचास से तीन सौ महिलाओं का प्रसव और करीब दो सौ मरीजों की प्रतिदिन जांच की जाती है। मंगलवार को करीब दो सौ मरीजों की जांच की गई । जिसमें अधिकतर मरीज सर्दी खांसी और बुखार के थे। सभी मरीजों को दवा देकर संयम बरतने की सलाह दी गई। पीएचसी में लैब और अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने से मरीजों को परेशानी के साथ ज्यादा पैसे की खर्च होती है। पीएचसी में जब किसी - किसी मरीजों को ज्यादा दिनों तक खांसी रहती है। उन मरीजों को जब खून , बलगम आदि कि जांच की आवश्यकता पड़ती है, तो मजबूरन जांच के लिए बाहर भेजना पड़ता है।
पीएचसी में लैब की सुविधा नहीं है। इससे मरीजों को निजी लैब में जांच कराने में ज्यादा पैसे का खर्च और परेशानी का सामना करना पड़ता है। महीना में पीएचसी में दो सौ से लेकर तीन सौ महिलाओं का प्रसव होता है। महीना के प्रत्येक 9 तारीख को प्रधानमंत्री मातृत्व लाभ योजना के तहत करीब एक सौ से लेकर एक सौ पचास महिलाओं की जांच होती है । उस समय महिलाओं को प्रसव के पहले अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता पड़ती है। पीएचसी में अल्ट्रासांउड नहीं होने के कारण महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए बाहर जाना पड़ता है। इससे अल्ट्रासाउंड कराने में मरीजों को ज्यादा पैसे खर्च होते हैं । इस संबंध में पीएचसी प्रभारी डॉक्टर नीतेश ध्वज सिंह ने बताया कि पीएचसी में लैब और अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। इसकी सूचना सिविल सर्जन कार्यालय को दे दी गई है ।

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