नियमित कचरे का उठाव नहीं होने से बढ़ी समस्या, सफाई की दरकार
नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत शहर के विभिन्न वार्डों, गली-मोहल्लों व चौक-चौराहों पर सड़क किनारे कूड़ा
नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत शहर के विभिन्न वार्डों, गली-मोहल्लों व चाैक-चौराहों पर सड़क किनारे कूड़ा एकत्र करने की व्यवस्था कारगर साबित नहीं हो पा रही है। यहां घर-घर से कचरा संग्रहण तो किया जा रहा है, पर नियमित रूप से उठाव नहीं हो पा रहा है। इससे मोहल्लों की खाली जगह व सड़क किनारे अघोषित रूप से कचरा डंपिंग यार्ड बन गया है। इससे लोगों की मुसीबत बढ़ती जा रही है। चंपारण नागरिक मंच के पदाधिकारियों व सदस्यों ने इसके लिए आवाज उठायी है। मंच ने नगर निगम के आयुक्त व मेयर को पत्र भेजकर इस व्यवस्था में संशोधन की मांग की है।

मंच के अध्यक्ष विनोद कुमार दुबे, महासचिव मितुल कुमार, उपाध्यक्ष प्रणव प्रियदर्शी, संयुक्त सचिव अजय कुमार प्रसाद आदि ने कहा कि लोगों का कचरा संग्रह करने की जगह के पास से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। लोगों को नाक पर रूमाल रखकर समीप से गुजरने की मजबूरी बन गयी है। एक तो मोहल्लों की गलियों से कचरा उठाव का समय निर्धारित नहीं है। सफाईकर्मी अलग-अलग समय में कचरा उठाव के लिए आते हैं। अगर, कचरा उठाते भी हैं तो मेन रोड या मोहल्ले की खाली जगह पर डंप किया जाता है। वहां से सफाई के साथ कचरा उठाव नहीं होता है। यह स्थल आवारा पशुओं की शरणस्थली बन गए हैं। अपने भोजन की तलाश में आवारा पशु इन कचरों को सड़क किनारे ही फैला देते हैं। साथ ही दुर्घटना के कारण भी बनते हैं। समस्या का हो समाधान : चंपारण नागरिक मंच के आलोक चंद्र, अमिता निधि, विभास रंजन पांडेय, वारिश खान, प्रदीप कुमार, देवेंद्र कुमार माझी, विमलेश्वर नाथ आदि ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में जनहित से संबंधित समस्याओं पर सतत काम करने की जरूरत है। नगर क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की वर्तमान व्यवस्था से कई तरह की गंभीर समस्याएं उत्पन्न होने लगी हैं। इसका त्वरित समाधान जरूरी है। वर्तमान में नगर के विभिन्न हिस्सों में सड़क किनारे कचरा एकत्र किया जाता है, जिसे दो-तीन दिनों के अंतराल पर उठाया जाता है। यह व्यवस्था न केवल अप्रभावी सिद्ध हो रही है, बल्कि इससे स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। खुले में कचरा जमा रहने से दुर्गध फैलता है, संक्रमण व मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है और आसपास के नागरिकों के लिए अस्वस्थ एवं असुरक्षित वातावरण निर्मित होता है। मेन रोड में कचरा डंप होने से परेशानी : वार्ड 28 स्थित रघुनाथपुर मोहल्ले की मुख्य सड़क के किनारे कचरा डालने से वहां अत्यधिक गंदगी फैल रही है। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में कचरा लंबे समय तक पड़े रहने से दुर्गंध असहनीय हो जाता है। राहगीरों एवं दोपहिया वाहनों के लिए दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। वही अवधेश चौक से लखौरा रोड में भी सड़क किनारे कचरा फेंका जा रहा है, इससे स्थानीय निवासियों को असुविधा हो रही है। लगातार जमा रहनेवाला कचरा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ावा दे रहा है तथा क्षेत्र की स्वच्छता एवं सौंदर्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। कचरा प्रबंधन का हो विशेष इंतजाम : शहर से रोजाना निकलनेवाले कचरा को डंप करने की व्यवस्था शहर से दूर किया जाए। साथ ही इसका उचित प्रबंधन भी जरूरी है।
प्रस्तुति : पराशर प्रभात, विजय कुमार सिंह
बोले जिम्मेदार
नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत सभी वार्डों में नियमित कचरा उठाव की व्यवस्था की गयी है। इसके लिए एनजीओ को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। मोहल्लों में नियमित रूप से झाड़ू लगाने व कचरा उठाव का भी इंतजाम किया गया है। इसके लिए सफाईकर्मियों की विभिन्न वार्डों में ड्यूटी लगायी गयी है। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। समस्या होने पर अपने वार्ड पार्षद से संपर्क करें। समाधान नहीं होने पर निगम कार्यालय को सूचना दें।
-सौरभ सुमन यादव, नगर आयुक्त, नगर निगम मोतिहारी
सुझाव
1. सड़क किनारे कचरा एकत्र करने की प्रचलित व्यवस्था को तत्काल समाप्त किया जाए। यहां दो-तीन दिन तक कचरा पड़ा रहता है।
2. पूरे नगर क्षेत्र, विशेषकर वार्ड 28 व वास्तु विहार क्षेत्र में नियमित रूप से कचरा संग्रहण की व्यवस्था सुदृढ़ करायी जाए।
3. सभी कचरा संग्रहण बिंदुओं को हटाकर संबंधित स्थलों की समतलीकरण, सफाई व आवश्यकतानुसार मरम्मत कराई जाए।
4. नगर क्षेत्र में कचरा संग्रहण एवं निस्तारण प्रणाली को वैज्ञानिक, सतत एवं मानक संचालन प्रक्रिया के तहत संचालित किया जाए।
5. नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा एवं स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए इस समस्या के स्थायी समाधान हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं।
शिकायतें
1. शहर में प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम पॉलीथिन बैग का इस्तेमाल व बिक्री की जा रही है। इसके खिलाफ सख्ती नहीं बरती जा रही।
2. शहर में सड़क किनारे व मोहल्ले के खाली स्थानों पर कचरा डंप किया जा रहा है। आवारा पशु गंदगी फैला देेते हैं।
3. सड़क किनारे जमा कचरा की वजह से आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। ऐसे सभी स्थल दुर्घटना के स्पॉट बन गए हैं।
4. कचरा डंप करने व प्रबंधन का सही इंतजाम नगर निगम प्रशासन के पास नहीं है। एनएच किनारे जलाने से प्रदूषण फैलता है।
5. निगम क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की वर्तमान व्यवस्था से कई तरह की गंभीर समस्याएं उत्पन्न होने लगी है। इसका समाधान नहीं हो रहा।

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