
छापेमारी के तार नेपाल से जुड़े
रक्सौल में आयकर टीम की छापेमारी के चौथे दिन कई स्थानों पर जांच जारी है। यह छापेमारी नेपाल से जुड़े तारों के साथ-साथ भारत के महानगरों से भी जुड़ी हो सकती है। जांच में दस्तावेज और डेटा की बारीकी से जांच की जा रही है। स्थानीय पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
रक्सौल,। रक्सौल में आयकर टीम की छापामारी के चौथे दिन मंगलवार को भी कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस छापेमारी में कई बड़े-बड़े खुलासा हो रहे हैं। सूत्रों को मानें तो इसके तार नेपाल से भी जुड़े होने की चर्चा है। झारखंड, पटना, मुजफ्फरपुर से आई आयकर विभाग की टीम के द्वारा रक्सौल के लक्ष्मीपुर स्थित बाइक शोरूम सहित करीब एक दर्जन जगहों पर बारीकी से गहन जांच की जा रही है। इस जांच के दौरान लेनी-देनी पंजी, कंप्यूटरों की डाटा, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डाटा आदि भी खंगाली जा रही है। जिसका उद्भेदन रोज-रोज हो रहे हैं। सूत्रों का माने तो नेपाल से भी तार जुड़े होने की चर्चा है।
वही टीम के द्वारा प्रत्येक बिंदुओं पर गहन छानबीन चल रही है। सूत्रों की माने तो भारत के महानगरों से भी कनेक्शन होने का चर्चा है। रक्सौल व्यापारियों की चार दिन से हो रही छापेमारी को लेकर धड़कन बढ़ गई है। जब्त दस्तावेज व डायरी से खुल सकते हैं बड़े राज आदापुर, एसं। बिशुनपुरवा गांव में लगातार तीन दिनों तक डेरा डाले आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों का संयुक्त दल सोमवार की देर रात रवाना हो गये। यह टीम रक्सौल के प्रसिद्ध व्यवसायी के बाइक शोरूम व आवास पर जमी हुई थी। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने घर में मौजूद सभी दस्तावेजों, खातों और कागजात की बारीकी से जांच की। किन दस्तावेजों को जब्त किया गया है और किन्हें मौके पर छोड़ दिया गया, सका आधिकारिक खुलासा अब तक नहीं किया गया है। विभागीय गोपनीयता के कारण पूरी कार्रवाई को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। जांच के दायरे में रक्सौल के कुछ ऐसे व्यवसायी भी आ गए हैं, जो भारत-नेपाल सीमा से जुड़े कारोबार में संलिप्त बताए जाते हैं। कुछ तथ्य ऐसे भी सामने आ रहे हैं, जिनका संबंध दोहरी नागरिकता से हो सकता है। इसे लेकर ईडी और आयकर विभाग ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। क्यों शुरू हुई व्यवसायी के घर से कार्रवाई :- सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी कार्रवाई की शुरुआत आखिर व्यवसायी के घर से ही क्यों हुई। इसे लेकर रक्सौल के चौक–चौराहों पर चर्चा का बाजार गर्म है। आम लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि इतने बड़े कारोबारी तक जांच एजेंसियां कैसे पहुंचीं और कौन सा ऐसा सुराग हाथ लगा, जिसके बाद रक्सौल के इतिहास की यह अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी शुरू हुई। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, पुलिस मौन :- स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को अलर्ट मोड में रखा गया है। अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था लगातार सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की जा रही है। हालांकि आयकर विभाग, ईडी या स्थानीय पुलिस का कोई भी अधिकारी फिलहाल कुछ भी कहने से परहेज कर रहा है। जब मोतिहारी स्थित आयकर विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा-जब तक पूरी छापेमारी और जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। वेट एंड वॉच की स्थिति:- फिलहाल पूरा मामला वेट एंड वॉच की स्थिति में है। इस छापेमारी में कौन-कौन से ठोस सबूत हाथ लगे हैं, किन-किन लोगों तक कानून का शिकंजा पहुंचेगा और इस पूरे नेटवर्क का असली चेहरा क्या होगा, इसको लेकर सस्पेंस लगातार बना हुआ है।

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