Hindi NewsBihar NewsMotihari NewsHealthcare Challenges in Madhuban Understaffed Centers and Poor Facilities
जर्जर भवन में संचालित होता है हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर

जर्जर भवन में संचालित होता है हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर

संक्षेप:

मधुबन में 26 उपस्वास्थ्य केन्द्र हैं, लेकिन डॉक्टरों की समय पर उपलब्धता नहीं है। गड़हिया और माड़ीपुर के स्वास्थ्य केंद्र जर्जर हैं, जिससे लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। राजेपुर का अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र भी देखभाल के अभाव में बीमार है। मरीज इलाज के लिए अन्य स्थानों पर जाने को मजबूर हैं।

Nov 25, 2025 12:24 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मोतिहारी
share Share
Follow Us on

मधुबन। मधुबन में 26 उपस्वास्थ्य केन्द्र हैं। सभी उपस्वास्थ्य केन्द्र पर एएनएम की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है। मधुबन में माड़ीपुर व गड़हिया अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं। गड़हिया एपीएचसी को अपना भवन है। भारत भूषण कुमार, विपिन यादव, ललन सिंह, अजय पासवान आदि ने बताया कि इस केन्द्र पर हमेशा डॉक्टर तो आते हैं। किंतु समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। माड़ीपुर का एपीएचसी किराए के भवन में संचालित है। बंजरिया व भेलवा में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर है। भेलवा का हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर जर्जर भवन में संचालित है। इससे इस केन्द्र पर लोगों को सहज ढंग से स्वास्थ्य की जांच में मदद नहीं मिलती है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

मनोज कुमार सिंह, सत्येन्द्र यादव, भरत पटेल, बच्चालाल सहनी, मुकेश पटेल आदि ने बताया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर माह में 8-10 दिन सीएचओ आते हैं और दो-चार घंटे का समय बिता कर चले जाते हैं। भेलवा के स्वास्थ्य केंद्र को खुद इलाज की दरकार है। राजेपुर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र छह बेड का मरीजों को लाभ नहीं तेतरिया। राजेपुर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र देख रेख के आभाव में खुद बीमार है। स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर होते जा रहा है। चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। स्वास्थ्य केंद्र के नहीं चलने से परिसर पशुओं के लिए चारागाह बना हुआ है। यह स्वास्थ्य केंद्र 6 बेड का है। लेकिन मरीजों को कोई लाभ नहीं मिलता है। मरीज इलाज कराने के लिए मुजफ्फरपुर, मोतिहारी व मधुबन जाने को विवश होते हैं। स्वास्थ्यकर्मी कब आते हैं और कब चले जाते ,किसी को जानकारी भी नहीं होती है।