प्रशिक्षण के लिए अस्पताल के वार्ड में लगाए गए आठ डॉक्टर का पता नहीं
राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्रों को सदर अस्पताल में ट्रेनिंग के लिए भेजा है। हालांकि, आठ प्रशिक्षु डॉक्टरों की उपस्थिति की कोई जानकारी नहीं है। मंगलवार को अल्ट्रासाउंड के लिए नियुक्त डॉक्टर गायब थीं, लेकिन उनकी हाजिरी बनी रही। सीएस डॉक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है।

मोतिहारी,नगर संवाददाता। राज्य सरकार ने विभिन्न मेडिकल कॉलेज में पीजी कर रहे स्टूडेंट को सदर अस्पताल के विभिन्न विभाग में तीन महीने ट्रेनिंग के लिए भेजा है। मगर स्थिति यह है कि ट्रेनिंग में आए आठ डाक्टर कब आते हैं और कब जाते हैं इसकी कोई जानकारी सदर अस्पताल के पास नहीं है।मगर इनकी हाजिरी रोज बनती रहती है। इसकी कभी खोजबीन नहीं होती है। बताते है कि मंगलवार को अल्ट्रासाउंड के लिए जिस महिला प्रशिक्षु डॉक्टर की ड्यूटी लगी थी। उनका कोई अता पता नहीं था। मगर एटेंडेंस बना था।ऐसा ही आलम अन्य विभाग का है। जिसमें प्रशिक्षु डॉक्टर नहीं थे।
इस संबंध में सीएस डॉक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि इसकी पूरी जानकारी सदर अस्पताल डीएस से मांग रहे हैं । रिपोर्ट आने के बाद अगला स्टेप लिया जाएगा। अस्पताल सूत्र के अनुसार ट्रेनिंग में आए आठ डाक्टर को तीन महीने तक लगातार सातों दिन सदर अस्पताल में ड्यूटी भी करना है और ट्रेनिंग भी। डाक्टर की ड्यूटी सह ट्रेनिंग के लिए सदर अस्पताल के लैब, पीकू वार्ड , अल्ट्रासाउंड के अलावा सर्जरी व मेडिसिन विभाग है। इस संबंध में सीएस डॉक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि इसकी जांच होगी और कार्रवाई भी।इस संबंध में सदर अस्पताल डीएस से जानकारी मांगी जा रही है ।
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