
जिले में धान की खरीद नहीं पकड़ रही रफ्तार, किसान हुए लाचार
संक्षेप: मोतिहारी में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने धान की खरीद शुरू की है। हालांकि, खरीदारी की गति धीमी है और किसान बिचौलियों को कम दाम पर धान बेचने को मजबूर हैं। सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से किसानों को 800 से 900 रुपये प्रति क्विंटल घाटा हो रहा है।
मोतिहारी। जिले में किसानों को उनकी उपज की वाजिब कीमत दिलाने के लिए धान की खरीद सरकारी स्तर पर शुरू करायी है। पहली नवम्बर से चयनित 305 पैक्स व व्यापारमंडल के माध्यम से धान की खरीद शुरू की गयी है। इसके बावजूद धान खरीद की रफ्तार जोर नहीं पकड़ रही है। धान की खरीदारी की गति काफी धीमी है। लिहाजा किसान बिचौलियों के हाथों धान बेचने को विवश हैं। किसान 1500 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से औने पौने भाव में धान बेच रहे हैं। जबकि सरकार के द्वारा साधारण धान का रेट 2369 रुपये व ग्रेड ए धान का रेट 2389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

पैक्स के द्वारा धान की खरीद शुरू नहीं किये जाने से किसानों को बिचौलिये के हाथों धान बेचने पर 800 से 900 रुपये प्रति क्विंटल घाटा लग रहा है। धान की खरीदारी को लेकर किसानों के बीच पैक्सों के द्वारा प्रचार प्रसार भी नहीं किया जा रहा है। इससे किसानों को पता ही नहीं चल रहा है कि कब से पैक्स धान की खरीद करेंगे। जबकि किसान रबी की खेती को लेकर पैसे पैसे को मोहताज हैं। धान की खरीदारी की अंतिम तिथि 28 फरवरी 26 निर्धारित की गयी है।

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