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जिले में लगेंगी सात गुड़ उत्पादन इकाई,मिला लाइसेंस

जिले में लगेंगी सात गुड़ उत्पादन इकाई,मिला लाइसेंस

संक्षेप:

मोतिहारी में गन्ना उत्पादक किसानों के लिए खुशखबरी है। सरकार ने गुड़ उत्पादन इकाइयों की स्थापना के लिए लाइसेंस जारी किए हैं। इससे किसान घर बैठे गन्ने की पेराई कर गुड़ बना सकेंगे। सरकार अनुदान भी देगी, जिससे किसान लाभान्वित होंगे। जिले में सात गुड़ उत्पादन इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी।

Dec 15, 2025 11:43 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मोतिहारी
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मोतिहारी। गन्ना उत्पादक किसानों के लिए खुशखबरी है। अब गन्ना उत्पादक किसानों को चीनी मिलों में पेराई के लिए गन्ना भेजने की झंझट नहीं रहेगी। जिले में राज्य सरकार के बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत गुड़ उत्पादन इकाई स्थापित करने की मंजूरी मिलने लगी है। सरकार की इस योजना से वैसे किसानों को राहत मिलेगी जो घर बैठे गन्ने की पेराई कर गुड़ का उत्पादन कर अच्छी कमाई कर सकेंगे। जिले में सात गुड़ उत्पादन इकाई लगाने के लिए लाइसेंस निर्गत किया गया है। इसमें चकिया,अरेराज,मोतिहारी, पिपराकोठी,कल्याणपुर में गुड़ उत्पादन यूनिट लगाने की प्रक्रिया शुरू की गयी है।

जिला गन्ना उद्योग विकास विभाग ने दी है गुड़ उत्पादन इकाई लगाने की स्वीकृति : जिला गन्ना उद्योग विकास विभाग मोतिहारी के द्वारा गुड़ उत्पादन इकाई लगाने की स्वीकृति दी गयी है। विगत वर्ष 2024-25 व 2025-26 में गुड़ उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए 58 आवेदन मिले थे। इसमें दोनों वर्ष में पांच -पांच गुड़ उत्पादन लाइसेंस के लिए आवेदनों की स्वीकृति दी गयी थी। इसमें चार -चार आवेदकों ने लाइसेंस लिया है। इसमें सात आवेदकों ने गुड़ उत्पादन यूनिट लगाने की प्रक्रिया शुरू की है। जिले में मिनी,मध्यम व बड़ा गुड़ उत्पादन इकाई लगाने के लिए लाइसेंस निर्गत किये गये हैं। गुड़ उत्पादन यूनिट लगाने पर सरकार देगी अनुदान : गुड़ उत्पादन यूनिट लगाने वाले किसानों को सरकार के द्वारा अनुदान का लाभ दिया जाएगा। मिनी गुड़ उत्पादन यूनिट के तहत 5 से 20 टन प्रतिदिन गन्ना की पेराई कर गुड़ का उत्पादन किया जाएगा। इसके तहत इकाई लागत पर 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 6 लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान किया गया है। मध्यम यूनिट की गुड़ उत्पादन इकाई की 21- 40 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता होगी। इसपर इकाई लागत पर 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 15 लाख रुपये तक अनुदान का लाभ मिलेगा। गुड़ उत्पादन के लिए बड़ी यूनिट की 41- 60 टन प्रतिदिन गन्ना पेराई की क्षमता होगी। इसके तहत गुड़ उत्पादन इकाई लागत पर 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 45 लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान किया गया है।

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