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स्वच्छता कर्मियों के मानदेय का भुगतान नहीं होने से कचरा का उठाव ठप

(फोटो नं.3- स्वच्छता कर्मियों की नाराजगी से मधुबन प्रखंड के एक गांव में लगा कचरा का ढेर। फोटो नं.4- मधुबन में उपयोगहीन बनी...

स्वच्छता कर्मियों के मानदेय का भुगतान नहीं होने से कचरा का उठाव ठप
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हिन्दुस्तान टीम,मोतिहारीThu, 13 Jun 2024 04:30 PM
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मधुबन,निज संवाददाता। मधुबन प्रखंड की पंचायतों में बनी अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई(डब्ल्यूपीयू) नकारा साबित हो रही है। इसके पीछे विगत 14 माह से स्वच्छता कर्मियों के मानेदय का भुगतान नहीं होना कारण बताया जा रहा है। ठोस व तरल कचरा प्रबंधन में कार्यरत स्वच्छता कर्मियों द्वारा कचरा का उठाव नहीं किए जाने से लोग घरों का कचरा बाहर फेंककर ढेऱ लगा दिए हैं। डब्ल्यूपीयू कार्य रूप में नहीं होने से कम्पोस्ट का निर्माण नहीं हो रहा है। सफाई कर्मचारी सकलदेव पासवान,रामलक्षण महतो,जीतेन्द्र मली,योगेन्द्र पासवान,मोहन राम,उमेश मली,संजय मली आदि ने बताया कि वे लोग प्रतिदिन निर्धारित समय पर घरों से कचरा का उठाव हाथ रिक्सा के माध्यम से करते थे। किंतु उन्हें विगत 14 माह से मानदेय नहीं मिल रहा है। मधुबन की बाजीतपुर,सवंगिया,गड़हिया,नवरंगिया माधोपुर,कृष्णानगर, मधुबन उतरी व तालीमपुर पंचायत में डब्ल्यूपीयू का निर्माण हो चुका है। मुखिया अशोक कुमार सिंह,सत्येन्द्र नारायण सिंह,विजय कुमार,रजिया देवी व ममता कुमारी ने बताया कि15 वीं वित्त आयोग की राशि से सफाई कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान करना है। किंतु कोई निर्देश प्राप्त नहीं है। अभी कचरा का उठाव (एसएलडब्लयूएम)का कार्य स्च्छता कर्मियों नाराजगी से ठप पड़ गया है। बीडीओ रजनीश कुमार ने बताया कि अब 15 वीं वित्त आयोग से स्वच्छता कर्मियों के मेहनताना का कार्य आधारित भुगतान करना है। उसकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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