जिले के अस्पतालों का होगा फायर ऑडिट

हिन्दुस्तान, मोतिहारी
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मोतिहारी के सिविल सर्जन ने सभी सरकारी अस्पतालों का अग्नि ऑडिट कराने के लिए अग्निशामक विभाग को पत्र लिखा है। पिछले वर्ष से कोई ऑडिट नहीं हुआ है, और सदर अस्पताल की अग्निशामक उपकरणों की एनओसी की अवधि समाप्त होने को है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है।

जिले के अस्पतालों का होगा फायर ऑडिट

मोतिहारी, नगर संवाददाता । सभी सरकारी अस्पताल का फायर ऑडिट करने के लिए सिविल सर्जन ने अग्निशमक विभाग को पत्र लिखा है। तीन दिन के अंदर सभी सरकारी अस्पताल का ऑडिट रिपोर्ट देने की मांग की है। बताते हैं कि सदर अस्पताल सहित सरकारी अस्पताल का पिछले वर्ष से ही अग्निशामक विभाग के द्वारा ऑडिट नहीं हुआ है। सदर अस्पताल की स्थिति यह है कि अग्निशामक के द्वारा दिए गए एनओसी की अवधि भी मई महीने में समाप्त हो गई है । साथ ही सदर अस्पताल के विभिन्न वार्ड में लगाया गया अग्नि शामक यंत्र की अवधि भी अगले महीने समाप्त हो रही है।

इस संबंध में सदर अस्पताल प्रबंधक कौशल दुबे ने बताया कि एक महीना पहले ही अग्नि शामक विभाग को रिन्यूअल के लिए आवेदन दिया गया है। विदित हो कि मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में घटित घटना के बाद से सरकार व जिला स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। अपने विभाग की स्थिति का जायजा लेते हुए व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने में जुट गया है। शॉट सर्किट से लेकर आपदा की स्थिति में फायर से निपटने के लिए सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पताल का ऑडिट करने का पत्र दिया है। इधर,जिला के कुछ ऐसे भी नर्सिंग होम हैं जो अग्नि शामक विभाग सहित कचरा प्रबंधन व पोल्यूशन के नियम के तहत नहीं हैं। बाबजूद इन विभाग से एनओसी मिला है जिसके आधार पर क्लिनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत सीएस कार्यालय में निबंधन कराया है। इस बात की जांच की मांग संबंधित विभाग के वरीय अधिकारी से करने की मांग उठने लगी है। यह बात शहर के ही कुछ डाक्टरों ने बताया कि इसकी जांच हो तो कई विभाग की कलई खुल जाएगी। डॉक्टर के अनुसार आपदा की स्थिति से निपटने के लिए बड़े नर्सिग होम सहित सरकारी अस्पताल में पानी टंकी व ग्राउंड में पानी टंकी अनिवार्य है। वार्ड हवादार हो, आपादा के समय भवन के उपरी मंजिल तक एक साथ दो स्ट्रेचर जाने का रास्ता हो। मगर जिला की स्थिति तो यह है शहर के अधिकांश गली में नर्सिंग होम डॉक्टर क्लिनिक खुल रहा है। नर्सिंग होम तक जाने के लिए पतली सड़क है ।अगर घटना होती है तो किसी भी हालत में अग्नि शामक की वाहन नहीं जा सकता है। बावजूद ऐसे नर्सिंग होम व डॉक्टर क्लिनिक को विभाग के द्वारा एनओसी दिया गया है। साथ ही नगर निगम से मकान का नक्शा भी पारित है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि जब विभाग से एनओसी मिल जाता है तो यहां निबंधन कराना पड़ता है।

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