मौसम की मार से मक्का की खेती में लागत की आधी हुई कमाई
मोतिहारी के किसानों ने मक्का की खेती बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन मौसम की मार और बाजार की मंदी से उनकी कमाई आधी रह गई है। आंधी और बारिश ने फसल को नुकसान पहुँचाया है, जिससे किसान मुश्किल में हैं। बढ़ती लागत और कम आमदनी के चलते किसान परेशान हैं।

ध्रुव नारायण, मोतिहारी। आमदनी बढ़ाने के लिए किसान नित नए नए जतन करते हैं। लेकिन मौसम की मार और बाजार की मंदी से उबर नहीं पाते। किसानों की अच्छी कमाई की आस धरी की धरी रह जाती है। जिले में मक्का उत्पादन कर रहे किसानों के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा है। मक्का से अधिक कमाई की आस में किसानों ने धान व गेहूं की खेती कम कर मक्का की उपज बढ़ाने पर जोर दिया। लेकिन उपज में जब वृद्धि होने लगी तो अच्छी आमदनी से किसानों की जेब भरने लगी। लेकिन अचानक बाजार के करवट लेने से मक्का के उपज से कमाई घट गई।
जितनी लागत मक्का की खेती में किसान लगा रहे हैं, उससे कमाई घट कर आधी रह गई है। जबकि विगत कई साल से मक्का की खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही थी।अब किसानों को मक्का की खेती में पहले की तुलना में कम कमाई हो रही है, जिससे मक्का उत्पादक किसानों को महंगी खेती से परेशानी बढ़ने लगी है। इसके बाद आपदा की मार से त्रस्त किसानों को इस खेती में लगी पूंजी को निकालने में पसीने बहाने पड़ रहे हैं।आंधी पानी से इस वर्ष मक्का फसल को हुआ नुकसान : विगत दिनों मक्का उत्पादक किसानों पर मौसम की मार पड़ी। आंधी बारिश से खड़ी मक्का की फसल खेत में गिरने से काफी क्षति हुई। मक्का में अभी बाली भी नहीं आई थी, तबतक आपदा की भेंट चढ़ गई। जलवायु परिवर्तन के दौर में मक्का की खेती पर भी मौसम की बेरूखी झेलनी पड़ रही है। किसानों को लागत निकालना मुश्किल हो गया है। खाद, बीज व पटवन में किसानों का दम निकल रहा है। महंगाई से लागत निकलना मुश्किल हो गया है।
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