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केंद्रीय विवि के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए बनेगी डीपीआर

मोतिहारी। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गयी...

केंद्रीय विवि के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए बनेगी डीपीआर
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हिन्दुस्तान टीम,मोतिहारीSat, 15 Jun 2024 12:15 AM
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मोतिहारी। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। स्थायी परिसर में भवन निर्माण के लिए डीपीआर तैयार होगा। महात्मा गांधी केंद्रीय विवि व केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने शुक्रवार को विवि के स्थायी परिसर में भवनों के निर्माण को शुरू करने को आधिकारिक तौर पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
आधुनिक कक्षा, लैब, लाइब्रेरी, प्रशासनिक भवन सहित होगी अन्य जरूरी सुविधाएं: नए परिसर में आधुनिक कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, प्रशासनिक भवनों और छात्रवास सहित व्यापक शैक्षिक गतिविधियों के लिए डिज़ाइन की गई कई सुविधाएँ शामिल होंगी। इस विकास से एमजीसीयू की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने और देश भर से प्रतिभाशाली छात्रों और शिक्षकों को आकर्षित करने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।ओएसडी (प्रशासन) सच्चिदानंद सिंह ने कहा कि उन्नत सुविधाओं के साथ हमारे स्थायी परिसर की स्थापना से न केवल हमारे छात्रों के लिए शैक्षणिक अनुभव में वृद्धि होगी, बल्कि हमारे संकाय को उनके शोध और शिक्षण प्रयासों में भी सहायता मिलेगी। हमें विश्वास है कि सीपीडब्ल्यूडी इस परियोजना को समय पर व गुणवत्तापूर्ण पूरा करेगी, जिससे क्षेत्र में शैक्षिक बुनियादी ढांचे के लिए एक नया मानक स्थापित होगा। सीओई डॉ. कृष्णकांत उपाध्याय, डीन छात्र कल्याण प्रो. आर्थत्राण पाल, प्रो. शिरीष मिश्रा, प्रो. प्रणवीर सिंह, प्रो. आशीष श्रीवास्तव, प्रो. प्रसून दत्ता सिंह, डॉ. श्याम नंदन, डॉ. शिवेंद्र सिंह, सहायक अभियंता (सिविल) ई. कौशलेश कुमार सिंह, जेई(सिविल) ई.कौस्तुभ शंकर पांडेय, जेई(विद्युत) ई. उत्पल कुमार मौर्य, हस्ताक्षर समारोह में थे। सीपीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ई. विजय कुमार झा, कार्यपालक अभियंता (सिविल) ई. राज कुमार, कार्यपालक अभियंता (विद्युत) ई. बिवेक कुमार भी उपस्थित थे।

विवि का परिसर देश का सबसे अच्छा परिसर बने, होगा प्रयास:वीसी

कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने कहा कि यह समझौता हमारे छात्रों को विश्व स्तरीय शैक्षिक सुविधाएं प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विश्वास है कि सीपीडब्ल्यूडी की विशेषज्ञता के साथ, हम लक्ष्य को प्रभावी ढंग से प्राप्त करेंगे। हमारा प्रयास होगा कि विवि का परिसर देश का सबसे अच्छा परिसर बनें।

विवि को 302 एकड़ में 261.26 एकड़ भूमि हो चुकी है उपलब्ध

केंद्रीय विवि को कुल 302 एकड़ भूमि उपलब्ध होनी है। इसके तहत मार्च 2024 में एमजीसीयू को अतिरिक्त 127.26 एकड़ भूमि प्रदान की गई, जिससे कुल भूमि का स्वामित्व पिछले 134 एकड़ से बढ़कर 261.26 एकड़ हो गया। सीपीडब्ल्यूडी के साथ समझौता ज्ञापन विवि के विस्तार की दिशा में एक आवश्यक कदम है।

भवन निर्माण को डीपीआर होगी तैयार

एमओयू पर एक औपचारिक समारोह में हस्ताक्षर किए गए। जिसमें विवि व सीपीडब्ल्यूडी दोनों के प्रमुख अधिकारी शामिल हुए। अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से नई अधिग्रहीत भूमि के लिए व्यापक विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार होगी। हस्ताक्षर से यहां निर्माण व बुनियादी ढांचे के विकास में सीपीडब्ल्यूडी की विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा। ताकि अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सके, जो विवि के अकादमिक उत्कृष्टता व नवाचार को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण के अनुरूप हों।

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