
कॉपी , किताबें एक ही दुकान या विक्रेता से खरीदने को बाध्य नहीं कर सकते
मोतिहारी में डीएम ने निजी विद्यालयों के लिए आदेश जारी किया है। विद्यालयों को 10 फरवरी तक पुस्तकों और यूनिफार्म की सूची अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। यूनिफार्म में तीन वर्षों तक कोई बदलाव नहीं होगा। अभिभावकों की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है, जिसमें अत्यधिक शुल्क और शैक्षणिक सामग्रियों की कीमतें शामिल हैं।
मोतिहारी, हिप्र.। निजी विद्यालयों के सम्बन्ध में डीएम ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। पुस्तकों की सूची व यूनिफार्म का विवरण 10 फरवरी तक अपलोड करने का निर्देश दिया है। यूनिफॉर्म में तीन वर्षों तक कोई परिवर्तन नहीं होगा। निजी विद्यालय कॉपी , किताबें एक ही दुकान या विक्रेता से क्रय करने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। 22 जनवरी को हिन्दुस्तान ने बोले मोतिहारी के अंक में स्कूलों में नए सत्र के नए-नए खर्चो को लेकर चिन्ता में बच्चों के अभिभावक शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। इस मसले पर डीएम सौरभ जोरवाल ने संज्ञान लिया। दूसरे दिन फिर नया आदेश जारी किया गया है।
आदेश में बताया गया है कि हाल के दिनों में समाचार पत्रों, अभिभावकों की शिकायतों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा यह स्थापित किया गया है कि पूर्वी चंपारण जिले के निजी विद्यालयों की ओर से अभिभावकों से शुल्क के साथ-साथ अन्य शैक्षणिक सामग्रियों की अत्यधिक कीमत वसूली की जा रही है। इन निजी स्कूलों के संचालकों द्वारा पुस्तकें, यूनिफॉर्म, बैग, जूते, कॉपियां आदि अत्यधिक महंगी कीमत पर बेची जा रही हैं तथा अभिभावकों को केवल निर्धारित दुकानों से ही सामान खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है, जिससे उन्हें खुले बाजार से सस्ती चीजें खरीदने की स्वतंत्रता नहीं मिल पाती है।

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