एप्रोच पथ ध्वस्त होने से 50 हजार की आबादी प्रभावित
चिरैया और बनकटवा के करीब 50 हजार लोगों को जोड़ने वाला पुल संकट में है। पुल के एप्रोच ध्वस्त हो गए हैं और मिट्टी नदी में गिर गई है। इससे गांवों का जिला मुख्यालय से कनेक्शन कट जाएगा। स्थानीय निवासियों ने इस समस्या की अनदेखी पर चिंता व्यक्त की है।

चिरैया, निसं । चिरैया और बनकटवा प्रखंड के करीब 50 हजार लोगों को सीधे तौर पर जिला मुख्यालय मोतिहारी से जोड़ने वाले पुल पर संकट का बादल छा रहा है। पुल के दोनों तरफ बना एप्रोच ध्वस्त हो गया है। मिट्टी खिसक कर नदी में चली गई है। लेकिन इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। पुल चिरैया प्रखण्ड के डीह महुआही और मोतिहारी सदर प्रखंड के गुलरिया गांव के बीच बहने वाली तीयर नदी पर बना है। पुल के ध्वस्त होने पर चिरैया प्रखण्ड के खोड़ा और सरोगढ़ पंचायत तथा बनकटवा प्रखंड के इनरवा फुलवार और निमोइया पश्चिमी पंचायत दो दर्जन से अधिक गांवों के करीब 50 हजार लोगों का जिला मुख्यालय से कनेक्शन कट जायेगा।
डीह महुआही गांव निवासी जीउत सहनी, सरसावा गांव निवासी रामचंद्र सहनी, जियालाल साह व ओमप्रकाश सहनी ने बताया कि चिरैया के तत्कालीन विधायक अवनीश कुमार सिंह की अनुशंसा पर इस पुल का निर्माण हुआ था।इसके पहले लोग नाव से नदी पार कर मोतिहारी आवागमन करते थे। जिससे हमेशा खतरा की आशंका बनी रहती थी। देख रेख व रख रखाव के अभाव में पुल पर खतरा का बादल मंडरा रहा है। इसी तरह पटजिलवा और बेला घाट गांव के बीच बहने वाली सीजुआ नदी पर बना लोहे का पुल जर्जर हो गया है। दोनों तरफ बना एप्रोच ध्वस्त हो गया है। मिट्टी धंस कर नदी में चली गई है।
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