शिल्पकार अरुण योगीराज करेंगे नंदी का निर्माण

हिन्दुस्तान, मोतिहारी
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कल्याणपुर में विराट रामायण मंदिर के लिए पद्मश्री अरूण योगीराज नंदी भगवान की 18 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण करेंगे। यह प्रतिमा 18 महीनों में पूर्ण होगी। मंदिर का निर्माण चंपारण के कैथवलिया में हो रहा है और यह 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है।

शिल्पकार अरुण योगीराज करेंगे नंदी का निर्माण

कल्याणपुर। विराट रामायण मंदिर का देश के चर्चित शिल्पकार पद्मश्री अरूण योगीराज नंदी भगवान की प्रतिमा का निर्माण करेंगे। नंदी जी की प्रतिमा का निर्माण करने की सहमति उन्होंने दे दी है। उन्होंने शनिवार को कल्याणपुर के विराट रामायण मंदिर परियोजना स्थल का भ्रमण किया और इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना को निकट से देखा। इस दौरान योगीराज ने सचिव सायण कुणाल के अलावा न्यास समिति के नवरत्न रघुवंशी सहित अन्य सदस्यों से विस्तार से चर्चा की। उल्लेखनीय है कि अरूण योगीराज ने ही अयोध्या में राममंदिर में रामलला की दिव्य प्रतिमा बनाई थी। श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने कहा कि अरुण योगीराज ने हमारे लिए नंदी जी की प्रतिमा का निर्माण करने की सहमति प्रदान की है। 18 फीट ऊंची यह भव्य प्रतिमा आगामी 18 महीनों में पूर्ण होने की संभावना है। इस अवधि के दौरान मंदिर के उस भाग को छोड़कर, जहां नंदी जी की स्थापना की जानी है, शेष हिस्सों का निर्माण कार्य निरंतर जारी रहेगा। योगीराज देश के प्रतिष्ठित शिल्पकारों में से एक हैं। उन्होंने अयोध्या में रामलला की दिव्य प्रतिमा तथा नई दिल्ली के कर्तव्य पथ (इंडिया गेट) पर स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा का निर्माण किया है। विराट रामायण मंदिर से उनका जुड़ना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह मंदिर के निर्माण में उत्कृष्ट गुणवत्ता, अद्वितीय शिल्पकला और आध्यात्मिक भव्यता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कैथवलिया में हो रहा विराट रामायण मंदिर का निर्माण

विश्व का सबसे बड़ा विराट रामायण मंदिर का निर्माण चंपारण के कैथवलिया (जानकीनगर) में हो रहा है। विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग (33 फीट) भी इसी प्रांगण में स्थापित हो गया है। सबसे महत्वपूर्ण है। विराट रामायण मंदिर में 18 फीट ऊंचे नंदी भगवान का निर्माण 18 महीने में पूरा हो जाएगा। विराट रामायण मंदिर पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। केसरिया के जानकीनगर में 120 एकड़ में इसका निर्माण हो रहा है। यह मंदिर 2030 तक निर्मित हो जाने की उम्मीद है। इसमें 22 मंदिर एवं 12 शिखर हैं।

मंदिर की ऊंचाई और भक्तों की संख्या

मंदिर की ऊंचाई 270 फीट जबकि चौड़ाई 540 फीट है। पटना से विराट रामायण मंदिर की दूरी 120 किलोमीटर है। वर्तमान में प्रतिदिन यहां चार से पांच हजार भक्त और पर्यटक शिवलिंग का दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। निर्माण कार्य के दौरान भक्तों के पूजा पाठ के लिए एक छोटा सहस्त्रशिवलिंग मंडप की व्यवस्था की गई है। जहां नियमित भक्त पूजा-पाठ और जलाभिषेक करने के लिए पहुंच रहे हैं। पूजा-पाठ के लिए यहां पुजारी भी नियुक्त कर दे गए हैं। 17 जनवरी को उद्घघाटन के मौके पर तबके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा समेत काफी संख्या में लोगों ने शिरकत की। हेलीकाप्टर से शिवलिंग पर पुष्म वर्षा भी हुई थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदी जी की प्रतिमा का निर्माण कौन करेगा?
नंदी जी की प्रतिमा का निर्माण पद्मश्री अरूण योगीराज करेंगे।
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