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मस्तिष्क ज्वर पर अलर्ट जारी

मस्तिष्क ज्वर पर अलर्ट जारी

मोतिहारी, मस्तिष्क ज्वर, अलर्ट जारी

तेज धूप व भीषण गर्मी में मस्तिष्क ज्वर की आशंका को लेकर सिविल सर्जन ने मेहसी पीएचसी सहित एक दर्जन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को अलर्ट किया है। बीमारी से बचाव के लिए ग्रामीण क्षेत्र में प्रचार- प्रसार करने का निर्देश दिया है। साथ ही इलाज के लिए सभी आवश्यक दवा का स्टॉक रखने को कहा है। बीमार बच्चों के लिए अलग से एसी लगा हुआ वार्ड बनाने को भी निर्देश दिया है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार मई -जून के महीने में मस्तिष्क ज्वर यानी जापानी इंसेफ्लाइटिस व एक्यूट इंसेफ्लाइटिस की बीमारी बच्चों में अधिक होती है। पिछले साल पूर्वी चम्पारण में जापानी इंसेफ्लाइटिस रोग से ग्रसित दो बच्चे चिन्हित किये गये थे। इसके अलावा 13 बच्चों में एक्यूट इंसेफ्लाइटिस पायी गयी थी। इसको लेकर विभाग ने उन सभी प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र को हाई अलर्ट किया है जहां इस तरह की बीमारी पायी गयी थी। उन स्वास्थ्य केन्द्रों पर दवा का स्टॉक रखने से लेकर डाक्टर को 24 घंटे अलर्ट किया गया है। बीमारी मिलते ही इसकी सूचना जिला मुख्यालय को देने का निर्देश भी दिया गया है।

इन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को किया गया है अलर्ट : इसमें मेहसी, तेतरिया, मधुबन, पकड़ीदयाल, चकिया, कल्याणपुर, केसरिया , तुरकौलिया, रक्सौल, रामगढ़वा, पताही व चिरैया पीएचसी शामिल है।

यहां के चिकित्सा प्रभारियों को राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार इलाज के लिए सभी प्रकार की दवा, एसी लगा हुआ वार्ड व डाक्टर का अलग रोस्टर के अनुसार वार्ड में ड्यूटी लगाने को कहा गया है। ड्यूटी पर लगाये गये डाक्टर को मोबाइल नम्बर वार्ड के दिवाल पर चिपकाने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर रोगी कल्याण समिति की राशि से दवा की खरीदारी करने का निर्देश सिविल सर्जन ने दिया है।

हर बुखार मस्तिष्क ज्वर नहीं : शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. आशुतोष शरण व डा. यूएस पाठक, डा. आर के पी शाही बताते हैं कि बुखार होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। मस्तिष्क ज्वर में बच्चा तेज बुखार के साथ बेहोश हो जाता है। यह लक्षण तेज बुखार में भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में बच्चे को बुखार की दवा देनी चाहिए।

शरीर को पानी से पोछें व डाक्टर से दिखाएं। कोई जरूरी नहीं है कि उसे मस्तिष्क ज्वर हो। इसलिये डाक्टरी इलाज में रखें। बच्चे को धूप में नहीं निकलने दें, रात को बच्चा भूखे नहीं सोये, शुद्ध पेयजल लें, बुखार होने पर डाक्टर से सम्पर्क करें। झोला छाप डाक्टर से बच्चे का इलाज नहीं कराएं। शाम को बच्चे का ठंडा पानी से शरीर पोछें। सूअर से बचाव करें। मच्छरदानी लगा कर बच्चे को सुलाएं। घर के आस- पास साफ- सफाई रखें। रोग से बचाव को बच्चे को टीका दिलाएं।

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