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आर्यन की मौत के बाद तीन घंटे तक थम गया बलुआ-कचहरी मुख्य पथ

लीची के पेड़ के पास नंगे तार में दौड़ाये गये विद्युत करंट की चपेट में आने से आर्यन की मौत के बाद तीन घंटे तक बलुआ-कचहरी पथ पर आवागमन ठहर सा गया था। तुरहा टोली व झोपड़पट्टी की सभी महिला, पुरुष व बच्चे प्रदर्शन करते हुये सड़क पर उतर गये। यात्रियों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। मेन रोड के अलावा क्र्वाटर परिसर के सभी सड़कों को बांस व बल्ले से अवरूद्ध कर दिया गया था। आरोपित प्रमोद के सरकारी आवास पर आक्रोशित लोगों ने हमलाकर दरवाजे व खिड़की तोड़ दिये। उसके बेडरूम में भी तोड़फोड़ करते हुये सामान फेंके गये। इस घटना के खिलाफ लोगों का काफी आक्रोश उबल रहा था। क्वार्टर की घेरबंदी में लगाये गये बांस- बल्ले व चचरी को लोगों ने आग के हवाले कर दिया। तोड़फोड़ के समय पुलिस बीच बचाव भी कर रही थी। सभी लोग नाजिर प्रमोद को ही खोज रहे थे। एक लीची क ोई नहीं तोड़े इसके लिये दिन में ही मौत का जाल बिछा दिया था। घटना के समय ही वह पिछले दरवाजे से प्रमोद फरार हो चुका था। जो जहां थे वहीं से गाली दे रहे थे। पुलिस सभी को समझाने में जुटी थी कि किसी तरह को शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा जाये। आक्रोशित लोगों के सामने किसी का वश नहीं चल रहा था। मोहल्ले के वार्ड पार्षद व गणमान्य लोग भी पहल में जुट गये। घंटो मसक्कत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया। दस दिन पहले भी झुलसा था बच्चा मोतिहारी । लीची पकने के साथ ही नाजिर नंगा तार बिछाकर करंट प्रवाहित कर दिया था। क्र्वाटर के अंदर बेडरूम से उसका कनेक्शन दिया था। दस दिन पहले भी राजकिशोर पासवान का पुत्र अकीन्द्र पासवान 09 उसी मौके के जाल में फंसकर झुलस गया था। नंगा तार पकड़ने से उसके हाथ कई जगह झुलस गये हैं। राजकिशोर अपनी झोपड़पट्टी के लोगों से यह बात बतायी तो किसी ने विश्वास नहीं किया। वह भी लीची तोड़ने ही गया था कि बांस की चचरी गेट हटाने के दौरान ही झटका मारा तो वह रोते हुये अपने घर चला गया। अभी उसका इलाज चल ही रहा है।ए.प्र.

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  • Web Title:After the death of Aryan three hour Balwa-Kachari road jammed