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हिंदी न्यूज़ बिहार मोतिहारीबूचड़खाना के नाम पर 5.97 करोड़ के गबन में कार्रवाई

बूचड़खाना के नाम पर 5.97 करोड़ के गबन में कार्रवाई

हिन्दुस्तान टीम,मोतिहारीNewswrap
Sun, 04 Jul 2021 03:42 AM
बूचड़खाना के नाम पर 5.97 करोड़ के गबन में कार्रवाई

मोतिहारी। हिन्दुस्तान संवाददाता

रक्सौल में बूचड़खाना के लिए जमीन की खरीद फरोख्त में करोड़ों के गबन मामले में नप सभापति सहित अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए डीएम ने अनुशंसा की है। बूचड़खाना के लिए जमीन खरीद के नाम पर किये गये अग्रिम 5.97 करोड़ के भुगतान को अवैध करार देते हुए कार्रवाई के लिए नगर विकास व आवास विभाग के प्रधान सचिव को अनुशंसा की गयी है। इस मामले में नगर परिषद रक्सौल के सभापति को पदच्यूत करते हुए एफआईआर के लिए अनुशंसा की गयी है। सभापति के मांगे गये स्पष्टीकरण का जवाब संतोषजनक नहीं पाये जाने पर बूचड़खाना की जमीन के बिना रजिस्ट्री कराए एकरारनामा पर करोड़ों के भुगतान मामले में जांच कमेटी की रिपोर्ट पर आरोप सिद्ध पाया गया है।

नप के ईओ व तत्कालीन रजिस्ट्रार पर कार्रवाई की अनुशंसा

बूचड़खाना जमीन मामले में नगर परिषद रक्सौल के कार्यपालक पदाधिकारी गौतम आनंद व निबंधन कार्यालय के सब रजिस्ट्रार मनीष कुमार को दोषी पाते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित करने,विभागीय कार्रवाई व एफआईआर की अनुशंसा की गयी है। दोनों अधिकारियों के द्वारा भूमि का बिना सत्यापन कराये एकरारनामा किये जाने का मामला पाया गया है।

स्थायी सशक्त समिति सदस्यों पर भी कार्रवाई

बूचड़खाना के लिए जमीन की खरीद को लेकर लिये गये प्रस्ताव को विभागीय गाइड लाइन के अनुसार अवैध मानते हुए नगर परिषद की स्थायी समिति सदस्यों को भी जिम्मेवार माना गया है। जमीन के नाम पर एकरारनामा के आधार पर किये गये करोड़ों के भुगतान की वसूली नप सभापति,ईओ, तत्कालीन सब रजिस्ट्रार व स्थायी सशक्त समिति सदस्यों से करने के लिए नीलाम पत्र वाद दायर करने की अनुशंसा की गयी है।

उक्त भूमि के खरीद बिक्री पर लगायी रोक

रक्सौल कोईिरया टोला की उक्त भूमि जिसे बूचड़खाना के लिए एकरारनामा पर करोड़ों का भुगतान किया गया है ,उसपर अलगे आदेश तक खरीद बिक्री करने पर रोक लगा दी गयी है। पत्र में कहा गया है कि विभाग से जबतक इसपर कोई अंतिम निर्णय नहीं आ जाता तब भूमि की खरीद बिक्री पर रोक रहेगी। इसको लेकर डीएम ने सब रजिस्ट्रार रक्सौल को पत्र जारी किया है।

78 डिसमिल अधिक भूमि के एकरारनामा का खुलासा

बूचड़खाना के लिए जिस भूमि को खरीदने के लिए एकरारनामा किया गया है। वह दस्तावेज पर अंकित जमाबंदी के रकबा से 78 डिसमिल अधिक दिखाया गया है। साथ ही रक्सौल कोईिरया टोला की जिस भूमि को शहरी क्षेत्र अंतर्गत व्यवसायिक दिखाया गया है। जबकि वह भूमि आवासीय व गली व शाखा सड़क के रूप में जांच कमेटी ने पकड़ी है। जिसके लिए ईओ को दोषी करार दिया गया है।

रक्सौल के इस खाता खेसरा पर लगायी गयी रोक

बूचड़खाना के लिए रक्सौल कोईिरया टोला के थाना नंबर 7 के खाता 107 व खेसरा नंबर 1622 की 3.23 डिसमिल, खाता 24 व खेसरा 1627 की 5.68 डिसमिल व खाता 52 , खेसरा 1628 की 31.28 डिसमिल भूमि के खरीद बिक्री पर रोक लगायी गयी है।

स्थायी सशक्त समिति के निर्णय को अवैध करार दिया

स्थायी सशक्त समिति के द्वारा मांस मछली बिक्री के लिए भूमि क्रय करने संबंधी लिए गये प्रस्ताव को गलत करार दिया गया है। नगर परिषद रक्सौल के द्वारा बिहार नगरपालिका अधिनियम की धारा 423 के अनुसार राज्य सरकार से कोई अनुमोदन नहीं लिया गया है। नगर परिषद के कायार्ें का महालेखाकार से अंकेक्षण कराने के लिए भी अनुशंसा की गयी है।

कहते हैं डीएम

डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि प्रथम दृष्टया बूचड़खाना के लिए एकरारनामा पर भुगतान की गयी राशि गबन का मामला प्रतीत होता है। बिना भूमि रजिस्ट्री कराये एकरारनामा पर भुगतान करने के मामले में जनप्रतिनिधि व अधिकारी दोनों पर आरोप सिद्ध होता है। इसको लेकर विभाग से कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है।

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