मां और 4 बच्चों की मौत से हिला मोतिहारी, तालाब में एक साथ 5 शव मिलने से सनसनी; घर से गायब थे सभी
मोतिहारी के अरेराज स्थित गोविंदगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार को तालाब से एक साथ पांच शव मिलने से हड़कंप मच गया। मरने वालों में महिला और उसके 4 बच्चे शामिल हैं। पति ने पांचों की डूबने से मौत होने की आशंका जताई है। हालांकि, एक साथ सभी के डूब जाना भी संदिग्ध लग रहा है। पुलिस जांच में जुटी है।

बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के अरेराज में मां और 4 बच्चों की मौत से सनसनी मच गई है। गोविंदगंज थाना क्षेत्र में एक तालाब से शुक्रवार सुबह पांच शव बरामद किए गए। मरने वालों में मां, उसके दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। सभी बभनौली पंचायत के रहने वाले थे और गुरुवार शाम के बाद से घर से गायब थे। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। यह हादसा है या फिर सामूहिक आत्महत्या का मामला है, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।
मृतकों की पहचान 35 वर्षीय सुशीला देवी, उनकी 11 वर्षीय बेटी अमृता कुमारी, 8 साल के बेटे अविनाश कुमार, 6 साल की बेटी पम्मी कुमारी और 4 साल के बेटे रवि कुमार के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, सुशील देवी गुरुवार शाम अपने चारों बच्चों के साथ घर से लापता हो गई थीं। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। शुक्रवार सुबह को ग्रामीणों ने तालाब में शव तैरते हुए देखे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों की मदद से सभी पांचों शवों को तालाब से बाहर निकलवाया। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल घटना के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
कैसे हुई मां-बच्चों की मौत?
मां और उसके चारों बच्चों की मौत कैसे और क्यों हुई, यह अभी सवाल बना हुआ है। महिला के पति का कहना है कि सुशीला घास काटने गई थी, बच्चे भी उसके साथ थे। तभी तालाब में डूबने से यह घटना हुई। हालांकि, पांचों का एक साथ डूब जाना भी संदिग्ध लग रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार इलाके में चर्चा है कि परिवार में घरेलू विवाद चल रहा था।
मृतका के पति का नाम धर्मेंद्र महतो बताया जा रहा है। वह ट्रैक्टर चलाकर अपने परिवार का गुजर बसर करता है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है, उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।


