
पटना में मां ने बेटे का अपहरण करवा बाप से मांगी रंगदारी, मायके वालों को अमीर बनाने की थी ख्वाहिश
दानापुर के ताराचक निवासी सुनील मेहता का आटा-चावल का कारोबार है। उनका 11 वर्षीय बेटा 5वीं कक्षा में पढ़ता है। शनिवार को उनका बेटा अचानक से लापता हो गया। पिता उसकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान एक अंजान नंबर से कारोबारी का फोन आया।
पटना में दानापुर के ताराचक गांव निवासी अंजू देवी ने मायके वालों की गरीबी दूर करने के लिए अपने बेटे का अपहरण करवा दिया। बेटे को पटना सिटी स्थित मौसी के घर भेज कारोबारी पति के पास फोन करवा 21 लाख रुपये की फिरौती मांगी। हालांकि पुलिस ने उनकी साजिश नाकाम कर दी। घटना की शिकायत के छह घंटा के अंदर बच्चे को पटना सिटी इलाके से सकुशल बरामद कर लिया गया। इस मामले में दानापुर पुलिस ने मां अंजू देवी,मौसी संजू देवी,मौसा पंकज कुमार, मामा रोविंस कुमार और उसके पड़ोसी अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
दानापुर के ताराचक निवासी सुनील मेहता का आटा-चावल का कारोबार है। उनका 11 वर्षीय बेटा 5वीं कक्षा में पढ़ता है। शनिवार को उनका बेटा अचानक से लापता हो गया। पिता उसकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान एक अंजान नंबर से कारोबारी का फोन आया। फोन करने ने बच्चे के अपहरण की बात बता 21 लाख रुपये फिरौती की मांग की। इस घटना से सुनील मेहता सकते में आ गए।
बाद में उन्होंने बच्चे के अपहरण और 21 लाख रुपए की फिरौती मांगने की शिकायत दानापुर थाने में की। सिटी एसपी पश्चिमी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी के नेतृत्व में थानेदार प्रशांत भारद्वाज की टीम बनाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो मामला संदिग्ध दिखा।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में मौसी ने अपहरण के झूठे मामले का खुलासा कर दिया। पूछताछ में पता चला कि मां अंजू देवी ने मायके वालों के साथ मिलकर पति से रुपये झटकने के लिए बच्चे की अपहरण का षडयंत्र रचा था।
फिरौती संबंधी काल मौसी संजू देवी के मोबाइल में नया सिम लगाकर मामा के मालसलामी निवासी पड़ोसी अनिल कुमार ने की थी। मामा रेविंस कुमार बच्चो को ट्यूशन पढ़ाता है। मौसी का परिवार और ननिहाल वाले छोटा-मोटा काम करते हैं। अंजू देवी को विश्वास था कि बेटे के अपहरण की बात सुनते ही कारोबारी पति रुपये दे देंगे। बाद में वह फिरौती में मिली रकम आर्थिक सहायता के रूप में मायके वालों के बीच बांट देगी।
जांच में सहयोग नहीं करने पर महिला शक के घेरे में आई
अंजू देवी जांच में पुलिस की मदद नहीं कर रही थी। जिससे पुलिस को शक हुआ। जांच में फोन करने वाले की लोकेशन पटना सिटी में मिली। जिसके बाद पुलिस ने छापा मार कर आलमगंज निवासी मौसी संजू देवी के घर से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।





