सड़क पर गिरे बिजली के तार से चिपक तड़पने लगी 3 साल की बच्ची, बचाने आई मां की भी दर्दनाक मौत
नवादा जिले के परनाडाबर में शुक्रवार को सड़क पर टूटकर गिरे हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से मां और बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। पहले 3 साल की मासूम बेटी करंट लगने से तड़पने लगी, फिर उसे बचाने आई मां भी झुलस गई। दोनों की वहीं पर मौत हो गई।

बिहार के नवादा जिले में शुक्रवार को एक दुखद हादसे में मां और मासूम बेटी की जान चली गई। घटना परनाडाबर गांव की है। घर के पास सड़क पर खेल रही 3 साल की मासूम लड़की हाईटेंशन बिजली के तार के संपर्क में आ गई। बेटी को तड़पता देख मां उसे बचाने गई तो वह भी झुलस गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बिजली का तार टूटकर सड़क पर गिर गया था, जिससे यह हादसा हुआ।
मृतकों की पहचान राजेश मांझी की 30 वर्षीया पत्नी रानी देवी और 4 साल की बेटी दुलारी कुमारी के रूप में हुई। यह हादसा घर से महज 10 मीटर की दूरी पर हुआ। मां-बेटी की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
5 साल के मासूम के सामने हुआ यह भयावह हादसा
यह हादसा मृतका के पांच साल का मासूम बेटा के सामने आया। मां और बहन को तड़पता देख उसने शोर मचाना शुरू किया। तभी आसपास के लोग वहां दौड़े और दोनों को तार के संपर्क से हटाया गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही परनाडाबर थाना की अपर थानाध्यक्ष ब्यूटी कुमारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल नवादा भेज दिया।
तार कब गिरा, पता नहीं
करंट से मां-बेटी की मौत के बाद परनाडाबर गांव में मातम पसर गया। ग्रामीणों के मुताबिक बिजली का तार कब सड़क पर गिरा, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। लोगों ने संभावना जताई कि हादसे से चंद मिनट पहले ही तार टूटकर गिरा होगा।
जैसे ही उन लोगों को जानकारी मिली कि मां-बेटी बिजली तार की चपेट में आ गई, वैसे ही लोगों की भीड़ जुट गई।लोगों ने लाठी-डंडे की मदद से दोनों को तार के संपर्क से हटाया। साथ ही ट्रांसफॉर्मर से बिजली आपूर्ति बंद की, लेकिन तबतक दोनों की मौत हो चुकी थी।
पति और बेटे का रो-रोकर बुरा हाल
इस हृदय विदारक घटना के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। शवों के पास दुलारी के पिता राजेश मांझी और पांच वर्षीय भाई बिलखते नजर आए। यह देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। राजेश मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है।


