चकाचक पटना के प्रचार में खर्च होंगे सवा करोड़ रुपये, नगर निगम को मिले प्रस्ताव
चकाचक पटना के लिए नगर निगम द्वारा सवा करोड़ रुपये प्रचार प्रसार में खर्च किए जाएंगे। पटना नगर निगम के सभी 6 अंचलों से बैनर-पोस्टर, पेंटिंग समेत अन्य प्रचार-प्रसार माध्यमों के लिए खर्चों का प्रस्ताव भेजा जा रहा है।

बिहार की राजधानी पटना में स्वच्छता जागरूकता के लिए जोर-शोर से तैयारी चल रही है। सर्वेक्षण के दौरान जमीनी हकीकत की पड़ताल करने केंद्रीय टीम मार्च में पटना पहुंचेगी। इससे पहले पटना नगर निगम के अलग-अलग क्षेत्रों में स्वच्छता और विकास कार्यों में तेजी आ गई है। चकाचक पटना के प्रचार-प्रसार में लगभग सवा करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सभी अंचल नगर निगम मुख्यालय को सर्वेक्षण से संबंधित प्रस्तावित कार्य और लागत राशि की सूची भेज रहे हैं।
नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र सहित 6 अंचलों से कुल मिलाकर लगभग सवा करोड़ रुपये की अब तक अधियाचना प्राप्त हुई है। विभिन्न अंचलों में इससे बैकलेन पेंटिंग, जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान और रैंकिंग में आम लोगों की भागीदारी के लिए प्रचार-प्रसार किया जाएगा। यह राशि इन्हीं मदों में खर्च की जाएगी।
इधर, लोगों को जागरूक करने के लिए कचरा वाहनों पर भी स्टीकर और पोस्टर लगाए जा रहे हैं। निगम सूत्रों के अनुसार कार्यों की सूची का आकलन कर विभिन्न अंचलों में राशि निर्धारित की जाएगी। इस दौरान अभियानों की उपयोगिता को देखते हुए राशि का आवंटन किया जाना है।
सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए लोगों को सजग और जागरूक करने के अभियानों की हर दिन की जानकारी निगम मुख्यालय को भेजनी है। इस बार कुल 12500 अंक हैं। इस बार बेहतर परिणाम, नागरिक प्रतिक्रिया और व्यवहार परिवर्तन को महत्व दिया जा रहा है।
जागरूकता पर विशेष ध्यान
स्कूल स्तरीय व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया गया है। निगम की टीम विभिन्न अंचलों के विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां कर रही है। छात्रों को सोर्स सेग्रीगेशन, चार प्रकार के कचरे, येलो स्पॉट और आरआरआर की जानकारी दी जा रही है। स्कूल परिसरों में पुराने किताब, बैग, कपड़े और उपयोगी वस्तुओं के संग्रह के लिए आरआरआर सेंटर के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पटना नगर निगम के आयुक्त यशपाल मीणा का कहना है कि स्वच्छता का व्यवहार में लाने और जागरूकता अभियान को गति देने के लिए विभिन्न अंचलों से अधियाचना मांगी गई थी। इसी आधार पर अंचलों की ओर से कार्यों की सूची आई है। उपयोगिता के आधार पर राशि का आवंटन होना है। स्वच्छता के लिए आम लोगों की भागीदारी जरूरी है।
बायोमेडिकल कचरा के लिए गाड़ियों में अलग से बॉक्स
पटना शहर में घर-घर कचरा उठाव वाले वाहनों में अलग से बॉक्स होगा। इसमें लोग अपने घरों के बायोमेडिकल कचरे को इसमें डाल सकेंगे। इसका तय मानकों के तहत निपटारा किया जाएगा, ताकि संक्रमण ना फेल सके। एक्सपायरी दवाएं, इस्तेमाल किए गए गल्वस, इंजेक्शन, रुई आदि को सामान्य कचरे से अलग रखा जाएगा।
(हिन्दुस्तान अखबार की रिपोर्ट)
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Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


