
नेताजी एक्सप्रेस और 300 से ज्यादा कछुए, बिहार में तस्करी का बड़ा खेल
नेताजी एक्सप्रेस से कुल 311 कछुआ सामान्य प्रजाति के जीवित अवस्था में बरामद हुए हैं। जिन्हें सावधानी से आरपीएफ पोस्ट सासाराम पर लाकर वन विभाग सासाराम को सूचित किया गया है। सूचना पर वन विभाग सासाराम से वन परिसर पदाधिकारी अमलेश कुमार पहुंचे।
बिहार में ट्रेन से कछुओं की तस्करी के बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। सासाराम जिले में आरपीएफ की टीम ने डाउन लाइन पर नेताजी एक्सप्रेस से 311 कछुओं को शनिवार रात बरामद किया है। वहीं मामले की सूचना वन विभाग को भी दी गई है। सूचना पर वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और अपने साथ सभी कछुओं को ले गए। आरपीएफ के निरीक्षी प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि गाड़ी संख्या 12312 डाउन नेताजी एक्सप्रेस के आगे वाले सामान्य कोच में कुछ बैग में कछुआ रखे होने की सूचना मिली।
प्राप्त सूचना पर प्लेटफार्म संख्या तीन पर सामान्य कोच संख्या को अटेंड कर जांच शुरू की गई। जांच के क्रम में सीटों के नीचे लावारिस हालत में बोरे व बैग में रखे कछुए पाए गए। कोच के यात्रियों से पूछताछ करने पर किसी ने भी उक्त बोरा व बैग अपना होना नहीं बताया। बाद में उक्त सभी बोरों व बैगों को खोलकर जीवित कछुओं की मौके पर वीडियोग्राफी करायी गई। सभी बोरे व बैग को स्टाफ की मदद से एक-एक कर कोच से नीचे प्लेटफॉर्म पर उतारा गया।
कुल 311 कछुआ सामान्य प्रजाति के जीवित अवस्था में बरामद हुए हैं। जिन्हें सावधानी से आरपीएफ पोस्ट सासाराम पर लाकर वन विभाग सासाराम को सूचित किया गया है। सूचना पर वन विभाग सासाराम से वन परिसर पदाधिकारी अमलेश कुमार पहुंचे। जिन्हें उक्त सभी 311 कछुओं को उचित संरक्षण व अग्रिम कार्यवाही के लिए जीवित अवस्था में सही-सलामत सुपुर्द किया गया। आरपीएफ के निरीक्षी प्रभारी ने बताया कि बरामद कछुओं की अनुमानित कीमत 311000 रुपए है। बताया कि संभवत: कछुआ तस्करों द्वारा इसे कहीं ले जाये जा रहा था। पुलिस को देख वे मौके से फरार हो गए।





