बिहार के छात्र-छात्राओं को सीएम सम्राट का तोहफा, हर माह सहयोग शिविर; विद्याथी पोर्टल पर भी
25 अगस्त से बिहार के सभी स्कूलों और छात्रावासों में सहयोग पोर्टल की शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जेडी वीमेंस कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की।

Samrat Choudhary Gift to Students: बिहार के शिक्षण संस्थानों में हर महीने के चौथे मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित होंगे, जहां छात्र सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव रख सकेंगे। 25 अगस्त से बिहार के सभी स्कूलों और छात्रावासों में इसकी शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को जेडी वीमेंस कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए यह पोर्टल लॉन्च किया गया है। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक, छात्रावास एवं अन्य समस्याओं तथा सुझावों का त्वरित समाधान करना है। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क है। इसमें विद्यार्थियों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
हेल्पलाइन नंबर भी जारी
सहयोग शिविर से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1100 उपलब्ध है। छात्रों की शिकायतों पर 10 दिनों में कार्रवाई शुरू न होने पर 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से स्वतः नोटिस जारी होगा और अधिकतम 30 दिनों के भीतर हर हाल में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
सीएम ने जेडी वीमेंस कॉलेज में छात्राओं से किया संवाद
मुख्यमंत्री ने पटना के जेडी वीमेंस कॉलेज में उपस्थित छात्राओं के साथ संवाद कर शैक्षणिक गतिविधियों और समस्याओं के बार में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, जवाबदेह और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
सम्राट चौधरी ने 15 अगस्त को गांधी मैदान में झंडोत्तोलन के बाद अपने भाषण में इसका ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए छात्र छात्राओं से सरकार सीधे संवाद करेगी। उनकी बातों को सुनने और समझने के लिए माह में एक बाद सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावे विद्यार्थी सहयोग पोर्टल की स्थापना होगी जिसपर छात्र अपनी समस्याओं से सरकार को अवगत कराएंगे। सहयोग पोर्टल पर की गई शिकायत का निवारण एक माह के अंदर हो जाएगा।
मुख्यमंत्री की इस पहल से छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह है। कई बार विभाग की सुस्ती से मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं में हुई त्रुटियों का सुधार कराने में पसीने छूट जाते हैं। छात्राओं ने सरकार के उस फैसले का भी स्वागत किया है जिसमें उनके स्कूल, कॉलेज के पास पुलिस दीदी की तैनाती की जाएगी। मुख्यमंत्री के आदेश पर ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है कि सादे लिबास में महिला पुलिस कर्मी और अधिकारी संवेदनशील स्थानों पर नजर रखेंगे। रक्षा बंधन के दिन से इसकी शुरुआत होगी। सभी जिलों में इसकी आवश्यक तैयारी की जा रही है।


