
अनंत सिंह को रिमांड पर लेगी पुलिस? मोकामा दुलारचंद यादव मर्डर में कई सवाल अनसुलझे
बिहार के मोकामा विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान बाहुबली दुलारचंद यादव की हुई हत्या के मामले में कुछ सवाल अब भी अनसुलझे हैं। इस केस में गिरफ्तार बाहुबली जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह को 14 दिन की न्यायायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, पुलिस उन्हें रिमांड पर भी ले सकती है।
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच पटना जिले के मोकामा में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड से सियासी पारा गर्माया हुआ है। इस केस में मोकामा के जेडीयू प्रत्याशी एवं बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की जा सकती है। वहीं, बाहुबली दुलारचंद यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उनकी मौत की गुत्थी उलझ गई है। पुलिस इसे प्रथमदृष्ट्या हत्या का मामला मान रही है, लेकिन मर्डर के बजाय हादसे की बात से भी इनकार नहीं कर रही है। दुलारचंद यादव की मौत पर अब भी कई सवाल अनसुलझे हैं।

जानकारी के अनुसार बीते गुरुवार को मोकामा के टाल क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों की भिड़ंत्त हो गई थी। गाली-गलौज से शुरू हुई बात बाद में पथराव और फायरिंग तक पहुंच गई। इसी दौरान, पीयूष के समर्थन में प्रचार कर रहे बाहुबली दुलारचंद यादव की मौत हो गई। परिजन ने आरोप लगाया कि अनंत सिंह के समर्थकों ने पहले उन्हें गोली मारी फिर गाड़ी चढ़ाकर मार दिया।
इस केस में दोनों पक्षों और प्रशासन की ओर से कुल 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके बाद अनंत सिंह समेत लगभग 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया। दुलारचंद यादव की जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई है, उसमें गोली लगने से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई। डीजीपी विनय कुमार ने रविवार को पटना में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उनकी मौत शरीर पर कोई भारी चीज के गुजरने से हुई। संभवतया गाड़ी के ऊपर चढ़ने से उनकी जान चली गई। गोली उनके पैर में लगी थी, जिससे जान जाने का खतरा बहुत कम था।
दुलारचंद यादव की मौत हत्या या एक्सीडेंट?
पुलिस के सामने जो सवाल अब तक अनसुलझा है, वो यह कि दुलारचंद यादव की मौत हत्या है या फिर एक एक्सीडेंट है। डीजीपी ने कहा कि प्रथमदृष्टया हत्या का मामला तो दिख रहा है। लेकिन जानबूझकर उनके ऊपर गाड़ी चढ़ाई गई या फिर भागने के दौरान एक्सीडेंटल ऐसा हुआ, यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि सीआईडी और स्थानीय पुलिस मिलकर इस केस की जांच में जुटी है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
मोकामा कांड दंगा था, डीजीपी ने बताया अनंत सिंह को क्यों किया गिरफ्तार
डीजीपी विनय कुमार ने रविवार को कहा कि मोकामा जो हुआ था, वो एक तरह का दंगा था। नेतृत्वकर्ता से लेकर उसमें शामिल हर व्यक्ति पर दंगे की सामूहिक जिम्मेदारी होती है। पूर्व विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी भी इसी आधार पर की गई है। इसी आधार पर जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी भी गिरफ्तार होंगे। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह से पूछताछ की गई है। जरूरत पड़ने पर रिमांड पर लेकर उनसे दोबारा पूछताछ की जाएगी।
दुलारचंद यादव पर गोली किसकी बंदूक से चली?
अनंत सिंह और पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच भिडंत्त के दौरान कई राउंड फायर किए गए थे। दुलारचंद यादव के पैर में गोली लगने की पुष्टि हुई है। पुलिस इस जांच में जुटी है कि यह गोली किसने चलाई थी। जिस बंदूक से उन्हें गोली लगी, वो अभी तक बरामद नहीं हो पाई है। डीजीपी ने कहा कि मृतक के पैर से मिली गोली के निशान के आधार पर हथियार का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान अनंत सिंह के परिसर पर जांच भी की। मगर वहां से किसी भी तरह का कोई हथियार नहीं मिला।





