
बिहार में सेमी कंडक्टर उद्योग का प्लान, केंद्र सरकार संग दिलीप जायसवाल दिल्ली में करेंगे मंथन
उद्योग मंत्री ने कहा, बिहार में एनडीए सरकार के गठन के बाद पहली प्राथमिकता कानून का राज स्थापित करने के साथ-साथ रोजगार के अवसरों को सृजित करना और पलायन रोकना है। सरकारी नौकरी के अवसर सीमित हैं, लेकिन रोजगार की संभावनाएं प्रचूर मात्रा में उपलब्ध हो सकती हैं।
बिहार के औद्योगिक विकास पर दिल्ली में मंथन होगा। केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 25 नवंबर को इस संबंध में दिल्ली में बैठक बुलायी है। इसमें बिहार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल शिरकत करेंगे। उनके अलावा केन्द्र और राज्य सरकार के अधिकारी भी शामिल होंगे। यह जानकारी डॉ. जायसवाल ने शनिवार को दी। उन्होंने बताया कि बैठक में बिहार के औद्योगिक विकास और निवेशकों को आकर्षित करने पर विस्तार से चर्चा होगी।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि बिहार सेमीकंडक्टर उद्योग लगाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इसके लिए गंगा और कोसी नदी के किनारे के स्थानों पर नजर है। सेमी कंडक्टर उद्योग के लिए पानी की भरपूर जरूरत है और बिहार में पानी की उपलब्धता अधिक है। ऐसे में यहां इसकी पूरी संभावना है। सरकार इसके लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
मंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार एक सप्ताह में औद्योगिक क्षेत्र के विकास का रोडमैप तैयार कर लेगी। औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं और बाधाओं को लेकर भी सरकार एक माह में अपनी कार्ययोजना तैयार कर लेगी। लैंड लॉक्ड राज्य होने की समस्या को दूर करने पर भी विशेष योजना तैयार की जाएगी। डॉ. जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उद्योग के विकास को लेकर काफी काम किया है। पिछले दिनों उन्होंने प्रगति यात्रा के दौरान सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए जमीन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। सभी जिलों में लैंड बैंक की स्थापना की गयी है।
उद्योग का जाल बिछाएंगे:जायसवाल
उद्योग मंत्री ने कहा, बिहार में एनडीए सरकार के गठन के बाद पहली प्राथमिकता कानून का राज स्थापित करने के साथ-साथ रोजगार के अवसरों को सृजित करना और पलायन रोकना है। सरकारी नौकरी के अवसर सीमित हैं, लेकिन रोजगार की संभावनाएं प्रचूर मात्रा में उपलब्ध हो सकती हैं। उद्योग विभाग इसके लिए काम करेगा। हम राज्य में उद्योगों का जाल बिछाएंगे। हर जिले में उद्योग का विकास करने की योजना पर काम करेंगे।





