
पीएम आवास योजना: केंद्र ने रोका पैसा, बिहार में नौ लाख घरों का निर्माण अटका
ग्रामीण विकास विभाग के पदाधिकारी बताते हैं कि पिछले पांच महीने से राशि का भुगतान केंद्र नहीं कर रहा है। पिछले महीने में विभाग ने राशि भुगतान पुरानी व्यवस्था के तहत मार्च, 2026 तक करने का आग्रह किया था, पर केंद्र सहमत नहीं हुआ।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में नौ लाख से अधिक आवास का निर्माण लंबित है। इस योजना में केंद्र सरकार से राशि का भुगतान नहीं होने के कारण यह स्थिति हुई है। आवास का निर्माण काफी धीमा हो गया है। 12.20 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध अभी तक 2.85 लाख आवास ही पूर्ण हुए हैं। ग्रामीण विकास विभाग के पदाधिकारी बताते हैं कि पिछले पांच महीने से राशि का भुगतान केंद्र नहीं कर रहा है। पिछले महीने में विभाग ने राशि भुगतान पुरानी व्यवस्था के तहत मार्च, 2026 तक करने का आग्रह किया था, पर केंद्र सहमत नहीं हुआ।
केंद्र सरकार का साफ कहना है कि अब नयी व्यवस्था से ही राशि का भुगतान होगा, जिसकी प्रक्रिया राज्य जल्द पूरा करे। केंद्र सरकार ने उक्त योजना में राशि भुगतान की व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। नयी व्यवस्था के तहत अब राशि का भुगतान सीधे आरबीआई से होगा। पूर्व में राशि की निकासी कर किसी दूसरे बैंक में जमा की जाती थी। फिर, लाभुकों के खाते में राशि भुगतान की कार्रवाई होती थी। एनआईसी नयी व्यवस्था तैयार कर रही है।
मालूम हो कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो बार में करीब सात लाख आवास की स्वीकृति केंद्र सरकार ने दी थी। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल में और साढ़े पांच लाख और आवास की स्वीकृति मिली। वर्तमान में राज्य के 12 लाख 20 हजार लाभुकों को पक्का मकान बनाने के लिए राशि दी जानी है। इनमें दो लाख 85 हजार मकान ही पूर्ण हुए हैं। वहीं, 11.35 लाख को पहली, 7.47 लाख को दूसरी और तीन लाख 27 हजार लाभुकों को तीसरी किस्त का भुगतान किया गया है।





