नेपाल, पाकिस्तान के मोबाइल नंबर, यूट्यूब पर ट्रेनिंग; गांव के युवकों को ठग बना रहे साइबर फ्रॉड गैंग

Sep 29, 2025 09:16 am ISTSudhir Kumar पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरो
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बिहार में साइबर अपराध पहले पांच जिलों तक सीमित था। नालंदा, नवादा, शेखपुरा, जमुई, गया जिले साइबर हॉटस्पॉट के रूप में प्रचलित थे, लेकिन सीमाई इलाकों में बढ़े साइबर अपराध अब हॉट स्पॉट जिलों को पीछे छोड़ रहे हैं।

नेपाल, पाकिस्तान के मोबाइल नंबर, यूट्यूब पर ट्रेनिंग; गांव के युवकों को ठग बना रहे साइबर फ्रॉड गैंग

बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को इंटरनेट पर साइबर ठगी भी सिखाया जा रहा है। यूआईडीआईए (आधार) की वेबसाइट तक अवैध तरीके से पहुंच रखने वाले मधेपुरा के सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) संचालक रामप्रवेश कुमार ने यू-ट्यूब वीडियो देख कर ही आधार पोर्टल का सॉफ्टवेयर अपलोड किया। फिर मात्र 1000 रुपये में यूसीएल (अपडेट क्लाइंट कोड) का सोर्स कोड खरीदकर पांच-छह वेबसाइट बनाई। इन वेबसाइट पर चुराये गये आधार बायोमेट्रिक डेटा को स्टोर किया गया।

रामप्रवेश ने जामताड़ा के मुकेश महतो के लिए भी वेबसाइट बनाई, जो कि सुपौल सिम बॉक्स कांड मामले का नामजद अभियुक्त है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को सिम बॉक्स और आधार ठगी से जुड़े हाल के कई मामलों में आरोपितों को इंटरनेट से कंटेट मिलने की जानकारी मिली है।

ईओयू ने लिखा पत्र

इसे देखते हुए ईओयू ने सोशल मीडिया हैंडलों से आपत्तिजनक कंटेट हटाने के लिए पत्र लिखने का निर्णय लिया है। जांच अधिकारियों के मुताबिक बिहार में साइबर अपराध पहले पांच जिलों तक सीमित था। नालंदा, नवादा, शेखपुरा, जमुई, गया जिले साइबर हॉटस्पॉट के रूप में प्रचलित थे, लेकिन सीमाई इलाकों में बढ़े साइबर अपराध अब हॉट स्पॉट जिलों को पीछे छोड़ रहे हैं।

अगस्त तक ऑनलाइन मिली 53792 शिकायतें

ईओयू के मुताबिक 2025 में जनवरी से अगस्त माह तक साइबर ठगी की 53792 शिकायतें ऑनलाइन माध्यम से मिलीं। इसके हिसाब से हर दिन लगभग 225 शिकायत ऑनलाइन माध्यम से मिल रही हैं। हर दिन औसतन 27.15 लाख रुपये के हिसाब से इस अवधि में करीब 65.16 करोड़ रुपये साइबर ठगी की राशि होल्ड की गयी। प्रतिदिन औसतन 1.92 लाख के हिसाब से कुल 4.61 करोड़ रुपये की वापसी करायी गयी। ईओयू के एडीजी नैय्यर हसनैन खान ने बताया कि साइबर ठगी से जुड़े मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने में बिहार देश में चौथे स्थान पर जबकि ठगी राशि के मामले में 10वें स्थान पर रहा। उन्होंने बताया कि उपरोक्त आठ महीने में 1930 टॉल फ्री नंबर पर 19.7 लाख कॉल का उत्तर दिया गया। साथ ही 1946 मामले निष्पादित किए गये।

Sudhir Kumar

लेखक के बारे में

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टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।

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