पटना में NEET छात्रा की मौत: लड़की और हॉस्टल के मालिक का मोबाइल लोकेशन सेम, डॉक्टरों से भी पूछताछ
छात्रा ट्रेन से जहानाबाद से पटना आई थी। जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर छात्रा के पिताजी छोड़ने आए थे। छात्रा का मोबाइल लोकेशन उस दिन जहानाबाद से पटना की ओर बताया गया है। जबकि मामले में गिरफ्तार शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन का भी मोबाइल लोकेशन उस दिन जहानाबाद से पटना की ओर आने का है।

नीट की तैयारी करने वाली जहानाबाद की छात्रा की मौत के मामले में एसआईटी रविवार को राजेंद्रनगर रोड नंबर -1 स्थित प्रभात मेमोरियल हीरामती हॉस्पिटल पहुंची। छात्रा के अस्पताल में भर्ती होने से डिस्चार्ज तक के कागजातों को देखा। इसे जब्त कर लिया गया है। डॉक्टरों के इलाज के तरीकों की जांच भी विशेषज्ञों से कराई जाएगी। डॉक्टरों से भी लगभग डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। एसआईटी ने मृतका के परिजनों के आरोप पर भी छानबीन की। पूछताछ में डॉक्टरों ने बताया कि छह जनवरी को छात्रा को बेहोशी की हालत में लाया गया था।
उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। अस्पताल प्रशासन का कहना था कि सभी प्रोटोकॉल अपनाए गए। परिजनों को आईसीयू में जाने की इजाजत दी गई थी। परिजनों की इच्छा के अनुसार ही दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया था। फोरेंसिक टीम ने छात्रा के कमरे की बारीकी से जांच की। नमूने भी लिए। छात्रा के कपड़े की जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।
मोबाइल लोकेशन से होगा खुलासा
पांच जनवरी को छात्रा ट्रेन से जहानाबाद से पटना आई थी। जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर छात्रा के पिताजी छोड़ने आए थे। छात्रा का मोबाइल लोकेशन उस दिन जहानाबाद से पटना की ओर बताया गया है। जबकि मामले में गिरफ्तार शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन का भी मोबाइल लोकेशन उस दिन जहानाबाद से पटना की ओर आने का है। जांच टीम इस दिशा में छानबीन कर रही है कि मनीष का उसी दिन जहानाबाद से पटना आना एक संयोग था या फिर इसके पीछे कोई साजिश थी। मनीष मूल रूप से जहानाबाद जिले का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर लिया जाएगा।
सहज अस्पताल में भी गई पुलिस
मृतका का प्रारंभिक उपचार राजेंद्रनगर स्थित सहज अस्पताल में किया गया था। वहां भी पुलिस ने रविवार को डॉक्टरों से पूछताछ की। डॉक्टरों ने बताया कि छह जनवरी की दोपहर छात्रा को बेहोशी की अवस्था में अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में आईसीयू की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। डॉक्टरों ने छात्रा को प्रारंभिक उपचार व जरूरी दवाइयां दे रेफर कर दिया।


