लालू ने 30 वोट काटे, लेकिन जीत गए RJD के सोनू; JDU के कन्हैया बागी मनोज की वजह से हारे
बिहार विधान परिषद की भोजपुर बक्सर स्थानीय प्राधिकार सीट पर उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी लालू प्रसाद यादव ने 30 वोट काटे, लेकिन आरजेडी सोनू राय जीत गए। जेडीयू के कन्हैया प्रसाद को बागी मनोज उपाध्याय की वजह से हार का सामना करना पड़ा।

बिहार विधान परिषद एमएलसी उपचुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) अपने ही एक बागी की वजह से हार गई। भोजपुर बक्सर स्थानीय प्राधिकार सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी सोनू राय ने जेडीयू के कन्हैया प्रसाद को मात देकर लालटेन जला दिया। आरजेडी के सोनू और जेडीयू के कन्हैया के बीच जीत-हार का अंतर 354 रहा। जबकि जेडीयू से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरे मनोज कुमार उपाध्याय ने 636 वोट काट दिए, जिससे एनडीए को नुकसान झेलना पड़ा। दूसरी ओर, लालू प्रसाद यादव के नाम के एक और निर्दलीय प्रत्याशी ने भी आरजेडी के 30 वोट काटे लेकिन सोनू राय ने बढ़त हासिल करते हुए जीत दर्ज कर ली।
भोजपुर-बक्सर एमएलसी सीट पर उपचुनाव के लिए 12 मई को वोटिंग हुई थी। इसके नतीजे गुरुवार को घोषित किए गए। पहली वरीयता के मतों की गिनती में आरजेडी के सोनू राय ने सर्वाधिक 2486 वोट हासिल कर लिए थे। हालांकि किसी भी प्रत्याशी को जीत के लिए 2668 वोटों की जरूरत थी। इसलिए, दूसरी वरीयता की मतों की गिनती शुरू की गई। इसमें भी सोनू राय को बढ़त मिलने के बाद उन्हें विजयी घोषित कर दिया गया।
भोजपुर-बक्सर उपचुनाव का फाइनल रिजल्ट, किसे कितने वोट मिले-
- सोनू कुमार राय RJD - 2507
- कन्हैया प्रसाद JDU - 2153
- मनोज उपाध्याय- 636
- लालू प्रसाद यादव- 30
- कन्हैया महतो- 25
- निरंजन राय- 12
621 वोट खारिज
एमएलसी उपचुनाव के लिए मतदान बैलेट पेपर से कराया गया था। इस चुनाव में कुल 5956 वोट गिरे। इसमें से 621 वोट खारिज कर दिए गए। 5335 वोट वैध करार दिए गए।
पिता एमएलसी रहे, अब बेटा भी
उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले सोनू राय के पिता लालदास राय भी इस सीट से एमएलसी रह चुके हैं। उन्होंने 2003 में आरजेडी के टिकट पर यहां से चुनाव जीता था। अब बेटे सोनू राय पहली बार विधान परिषद पहुंचेंगे।
बेटे को एमएलसी नहीं बना पाए राधाचरण
जेडीयू के संदेश सीट से विधायक राधाचरण साह अपने बेटे कन्हैया प्रसाद को एमएलसी नहीं बना पाए। राधाचरण ने 2022 के चुनाव में भोजपुर बक्सर स्थानीय प्राधिकार सीट से जीत दर्ज की थी। 2025 के विधानसभा चुनाव में वह विधायक बन गए तो यह एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद रिक्त हुई इस सीट पर उपचुनाव कराया गया। जेडीयू ने राधाचरण के बेटे कन्हैया प्रसाद को ही उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया था, मगर बागी मनोज उपाध्याय के मैदान में उतरने से खेल बिगड़ गया।


