
मिजोरम उन्हें कभी भूल नहीं पाएगा; बांसुरी स्वराज के पिता स्वराज कौशल की मनोज झा ने की तारीफ
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज के पिता स्वराज कौशल के निधन पर राजद सांसद मनोज झा ने श्रद्धांजलि दी है। उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मिजोरम को शांति की राह पर लाने में जो भूमिका निभाई, वह सिर्फ प्रशासनिक या कानूनी प्रयास नहीं था। वह संवेदना और मानवीय स्पर्श से भरा एक ऐतिहासिक योगदान था।
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज के पिता स्वराज कौशल के निधन पर राजद के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने श्रद्धांजलि देते हुए उनकी तारीफ की है। मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल ने गुरुवार को आखिरी सांस ली। 71 साल की उम्र में उन्होने दुनिया छोड़ दी। दिल्ली बीजेपी ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर स्वराज कौशल के निधन की जानकारी दी है।
राजद के वरिष्ठ नेता मनोज झा ने एक्स पर लिखा कि स्वराज कौशल जी के निधन को हम बिलकुल स्तब्ध करने वाली खबर ही मानेंगे लेकिन ये हमें उनकी पूर्व की भूमिकाओं के अवलोकन का अवसर भी देता है। उन्होंने मिज़ोरम को शांति की राह पर लाने में जो भूमिका निभाई, वह सिर्फ प्रशासनिक या कानूनी प्रयास नहीं था। वह विश्वास, संवेदना और मानवीय स्पर्श से भरा एक ऐतिहासिक योगदान था। उत्तर पूर्व का वर्तमान खासकर मिजोरम उन्हें कभी नहीं बिसरायेगा। ईश्वर उनके परिजनों और चाहने वालों को संबल दे। जय हिन्द
आपको बता दें 12 जुलाई 1952 को जन्मे स्वराज कौशल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी से ढ़ाई की। फिर उन्होने वकालत शुरू की। उनकी गिनती सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकीलों में होती थी। वे छह साल तक राज्यसभा में सांसद रहे, मिजोरम में राज्यपाल की भी जिम्मेदारी संभाली थी। स्वराज कौशल सबसे कम आयु में राज्यपाल का पद प्राप्त करने वाले व्यक्ति बने थे। 1975 में इनका विवाह सुषमा स्वराज के साथ में हुआ था।
2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी एनडीए सरकार में उन्होंने विदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। अगस्त 2019 में सुषमा स्वराज का निधन हो गया था। सुषमा स्वराज ने दिल्ली की सीएम की भी जिम्मेदारी संभाली थी। अभी स्वराज कौशल और सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज बीजेपी की नेता और दिल्ली से सांसद हैं।





