दरभंगा एयरपोर्ट के पास 17 हजार एकड़ में बसेगी मिथिला टाउनशिप, 102 गांवों में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक
बिहार सरकार दरभंगा शहर के पास मिथिला टाउनशिप विकसित करने जा रही है। इसके लिए दरभंगा जिले के 102 गांवों को चिह्नित किया गया है। इन गांवों में जमीन-खरीद बिक्री पर रोक लगा दी गई है। नई सेटेलाइट टाउनशिप दरभंगा एयरपोर्ट से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर बनाई जाएगी।

बिहार सरकार ने 11 प्रमुख शहरों के आसपास सेटेलाइट टाउनशिप बनाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। इसमें दरभंगा भी शामिल है। दरभंगा में मिथिला के नाम से सेटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएगी। इसकी कवायद शुरू हो गयी है। इस योजना के तहत शहर का विस्तार किया जाएगा। दरभंगा में सेटेलाइट टाउनशिप के लिए जगह भी चिह्नित कर ली गई है। दरभंगा एयरपोर्ट के पास मिथिला टाउनशिप विकसित की जाएगी। इसके लिए दरभंगा, बहादुरपुर औ केवतिरानवे के 102 गांवों की जमीन की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक रहेगी।
इस प्लान के तहत आवासीय और कमर्शियल जमीन चिह्नित कर सड़क, ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम बनाया जाएगा। इसके अलावा ट्रैफिक मैनेजमेंट और चौड़ी सड़कों का प्रावधान, पार्क, ओपन स्पेस तथा कम्युनिटी एरिया विकसित किया जाएगा। नई सेटेलाइट टाउनशिप की दरभंगा शहर से दूरी लगभग 3.5 किलोमीटर होगी। हालांकि, यह हवाई अड्डा के पास होगी। मिथिला टाउनशिप से दरभंगा एयरपोर्ट की दूरी महज 1.5 किलोमीटर होगी।
जानकारी के मुताबिक नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से जिले के बहादुरपुर, केवटी व सदर अंचल के 102 गांवों को चिह्नित किया गया है। मिथिला नाम से बनने वाले सेटेलाइट टाउनशिप को 17400 एकड़ (3.5 किलोमीटर से अधिक) क्षेत्र में विकसित किए जाने की योजना है। टाउनशिप के लिए उत्तर में केवटी का बरही गांव, दक्षिण में सदर का धोईघाट, पूरब में सदर के भुस्कौल गांव और पश्चिम में दरभंगा सदर के शीशो गांव की सीमा निर्धारित की गई है।
मार्च 2027 तक रहेगी रोक
जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण या भवन निर्माण कार्य पर रोक पूरे शहर पर नहीं, बल्कि उन्हीं सीमित इलाकों में लागू रहेगी जहां टाउनशिप विकसित की जानी है। चिह्नित इलाकों के टाउनशिप एरिया में 31 मार्च 2027 तक निर्माण कार्य और जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक रहेगी।
प्रो. चंदन झा ने कहा कि दरभंगा में सेटेलाइट टाउनशिप बनाने का निर्णय सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सेटेलाइट टाउनशिप में रहने की लागत आम तौर पर बड़े शहरों की तुलना में कम होती है, जिससे यह आकर्षक विकल्प बन जाता है। सेटेलाइट टाउनशिप में कम प्रदूषण, कम शोर और अधिक हरियाली होती है, जिससे जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है।
इसके अलावा सेटेलाइट टाउनशिप बड़े शहरों के दबाव को कम करने में मदद करते हैं, जिससे शहर की सुविधाओं और सेवाओं का बेहतर उपयोग होता है। नए व्यवसाय एवं उद्योग स्थापित होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि सेटेलाइट टाउनशिप में आम तौर पर बेहतर परिवहन सुविधाएं होती हैं, जिससे लोगों को बड़े शहरों तक पहुंचना आसान होता है।
जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक से आपत्ति
दरभंगा चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पवन सुरेका ने सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए जमीन की खरीद-बिक्री पर लगाई गई रोक पर आपत्ति जतायी है। उन्होंने कहा कि सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का राज्य सरकार का निर्णय सराहनीय है। इसके लिए सरकार लोगों से जमीन खरीदे, पर इसके लिए जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक नहीं लगायी जानी चाहिए। कई लोग अचानक कोई अति आवश्यक काम आ जाने के कारण भी जमीन बेचते हैं। रोक लगाये जाने से उनका काम बाधित होगा। इससे ऐसे लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
इन शहरों में भी विकसित होगी सेटेलाइट टाउनशिप
दरभंगा के अलावा जिन शहरों में सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की योजना है, उनमें पटना, छपरा, सोनपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, पूर्णिया, गयाजी और मुंगेर शामिल हैं।
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लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


