मिथिलांचल, कोसी और तिरहुत में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग के क्या मायने; 2020 में था NDA का दबदबा
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मिथिलांचल, कोसी और तिरहुत क्षेत्र में रिकॉर्डतोड़ मतदान के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में पिछली बार एनडीए का दबदबा रहा। अब बंपर मतदान का क्या आशय है, इस पर सबकी नजरें हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में भारी मतदान हुआ। आजादी से लेकर अब तक हुए तमाम चुनावों का रिकॉर्ड ध्वस्त हो गया। चुनाव आयोग के अनुसार लगभग 65 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। रिकॉर्ड तोड़ मतदान में सबसे अधिक मुजफ्फरपुर में 71.41 फीसदी मतदान हुआ, जबकि सबसे कम पटना में 58.40 फीसदी मतदाताओं ने अपने मत डाले। बेगूसराय, गोपालगंज, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा, सहरसा, समस्तीपुर और वैशाली में 65 फीसदी से अधिक तो बाकी जिले में इससे कम मतदान हुआ।

राज्य में 243 विधानसभा क्षेत्र हैं। इसमें से 90 सीट दक्षिण बिहार के जिलों में स्थित हैं, जबकि 153 विधानसभा उत्तर बिहार में है। पिछले चुनाव 2020 में एनडीए को उत्तर बिहार में ही बढ़त मिली थी। पहले चरण में उत्तर बिहार के 11 जिलों में चुनाव हुए हैं। इन जिलों में पिछली बार एनडीए को बढ़त हासिल हुई थी।
यही नहीं, बीते दो-तीन चुनावों को भी देखें तो मिथिलांचल, कोसी एवं तिरहुत के जिलों में एनडीए का दबदबा रहा है। सरकार बनाने में इन जिलों की अहम भूमिका रही है, जबकि पटना के साथ ही भोजपुर, बक्सर जैसे जिलों में महागठबंधन का पलड़ा भारी रहा था। इस बार भारी मतदान पर दलों के अपने-अपने दावे हैं। सत्ताधारी दल जहां सत्ता में वापसी का दावा कर रहा है तो वहीं विपक्ष बिहार में इसे बदलाव का संकेत मान रहा है।
हालांकि समग्रता में देखें तो इस बार पहले चरण में जिन 18 जिले में चुनाव हुए हैं, उसमें पिछली बार 2020 के इलेक्शन में एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच कांटे की लड़ाई हुई थी। महागठबंधन को 61 सीटों पर जीत हासिल हुई तो एनडीए को 59 सीटों पर। एक सीट लोजपा के खाते में गई थी। बाद में लोजपा के विधायक जदयू में शामिल हो गए थे।
राजद ने पिछली बार 42 सीटों पर जीत हासिल की थी। कुल 75 में से उसे आधे से अधिक सीटों पर पहले चरण के चुनावों में ही जीत हासिल मिली थी, जबकि भाजपा को 32 और जदयू को 23 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। कांग्रेस ने आठ, भाकपा माले ने सात, सीपीआई और सीपीएम ने दो-दो पहले चरण की सीटों में से ही जीती थी।
एनडीए: पहले चरण के चुनाव में अधिक सीटें जदयू के कब्जे वाली
पहले चरण के मतदान वाली अधिक सीटें पहले जदयू के कब्जे में रही है। यही कारण है कि इस बार भी एनडीए में जदयू ने सबसे अधिक 57 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। भाजपा ने 48 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। लोजपा (आर) 12 तो रालोमो दो सीटों पर चुनाव लड़ रही है। जबकि महागठबंधन में राजद कुल सीटों 143 में आधे से अधिक 73 सीटों पर प्रत्याशी पहले चरण में ही उतारे हैं। जबकि कांग्रेस के 24, भाकपा माले 14, वीआईपी चार, माकपा का तीन, भाकपा के चार और आईआईपी के तीन उम्मीदवार इसी चरण में थे।
जिलावार मतदान प्रतिशत
बेगूसराय- 69.87%
भोजपुर- 59.90%
बक्सर- 61.97%
दरभंगा- 63.66%
गोपालगंज- 66.64%
खगड़िया- 67.90%
लखीसराय- 64.98%
मधेपुरा- 69.59%
मुंगेर- 62.74%
मुजफ्फरपुर- 71.81%
नालंदा- 59.81%
पटना- 59.02%
सहरसा- 69.38%
समस्तीपुर- 71.74%
सारण- 63.86%
शेखपुरा- 61.99%
सीवान- 60.61%
वैशाली- 68.50%
कुल- 65.08%





