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बिहार में एआई से रेल टिकटों में कैसे हो रहा छेड़छाड़ का खेल, यात्रियों को लग रहा चूना

बिहार में एआई से रेल टिकटों में कैसे हो रहा छेड़छाड़ का खेल, यात्रियों को लग रहा चूना

संक्षेप:

आरपीएफ के बड़े अधिकारी का कहना है कि पूरे मामले में कई स्तर पर खेल है। इसमें कुछ विभागीय कर्मचारी की भी मिलीभगत है। दरभंगा मामले में विलंब से जांच और पकड़े गए युवक को पोस्ट से छोड़ देना इसका संकेत दे रहा है।

Dec 21, 2025 08:15 am ISTNishant Nandan हिन्दुस्तान, वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर
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टिकट माफिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का गलत इस्तेमाल कर रेलवे के साथ सामान्य यात्रियों को चूना लगा रहे हैं। सामान्य श्रेणी के रेल टिकटों में एआई से छेड़छाड़ किया जा रहा है।शातिर रेल काउंटर से जेनरल टिकट खरीद एआई के माध्यम से उसे लंबी दूरी का टिकट बना देते हैं, फिर छोटे-छोटे स्टेशनों पर ट्रेन पकड़ने आए भोले भाले यात्रियों को थमा देते हैं। इसका खुलासा आरपीएफ की जांच में हुआ है।

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बीते माह दरभंगा जंक्शन के यूटीएस काउंटर पर वापसी के लिए आए सामान्य श्रेणी के टेम्पर्ड टिकट की जांच से इसका खुलासा हुआ था। मामले में आरपीएफ ने तुर्की स्टेशन से खरीदे गए टिकट को एआई से ही बेंगलुरू का बनाए जाने की आशंका जताई है। साथ ही इसकी रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी है। आरपीएफ की तकनीकी टीम ने भी पूरे मामले की गोपनीय तरीके से जांच शुरू कर दी है। आरपीएफ को इसमें बड़े गिरोह का हाथ होने की आशंका है। इसका नेटवर्क दूसरे राज्यों से जुड़ सकता है।

विभागीय कर्मियों की मिलीभगत की आशंका

आरपीएफ के बड़े अधिकारी का कहना है कि पूरे मामले में कई स्तर पर खेल है। इसमें कुछ विभागीय कर्मचारी की भी मिलीभगत है। दरभंगा मामले में विलंब से जांच और पकड़े गए युवक को पोस्ट से छोड़ देना इसका संकेत दे रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मामले में रेल पुलिस को गोपनीय तरीक से कर्मचारियों की गतिविधियों की जांच करनी चाहिए, जो नहीं हो पा रही है।

दरभंगा में 19 नवंबर को मिला था टेम्पर्ड टिकट

दरभंगा जंक्शन स्थित यूटीएस काउंटर पर बीते 19 नवंबर को एक युवक टिकट वापस करने गया था। जांच में टिकट टेम्पर्ड मिला। इसके बाद युवक को पकड़ा गया। आरपीएफ उसे अपने साथ ले गई, लेकिन फिर उसे डायरी में इंट्री कर छोड़ दिया। उसके खिलाफ रेलवे के वाणिज्य विभाग ने भी उस वक्त संज्ञान नहीं लिया। पुन: 23 नवंबर को मामले में दरभंगा के वाणिज्य अधीक्षक मिथिलेश कुमार गिरी ने दरभंगा रेल थाने में एफआइआर कराई, जिसमें 19 नवंबर को छोड़े गए युवक को आरोपित किया। हालांकि, अब वह युवक फरार है।

मुजफ्फरपुर में पकड़े गए थे चार शातिर

मुजफ्फरपुर आरपीएफ ने टिकट टेम्परिंग मामले में चार शातिरों को यूटीएस हॉल से पकड़ा था। उनके पास से चार जेनरल टिकट मिले थे। उनकी निशानदेही पर पटना जंक्शन के पास के एक होटल से माइक्रो मुहर बरामद की गई थी। उक्त मुहर कई राज्यों के शहरों के नाम से बनी थी। पकड़े गए चारों शातिर मुजफ्फरपुर के ही रहने वाले थे। फिलहाल वे जमानत पर हैं। खुफिया विभाग को उनके फिर से इस धंधे में बने रहने की आशंका है। सोनपुर मंडल के सराय, तुर्की, गोरौल, घोसवर आदि से सिर्फ एक टिकट खरीदकर एआई से उसमें छेड़छाड़ करने की आशंका है।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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