
मंत्री विजय सिन्हा की चेतावनी बेअसर? माफिया बेलगाम, बागमती का अस्तित्व खतरे में; खबर समझिए
बागमती की बोली लगाने वाले बालू माफियाओं का कारोबार वर्षों से बेखौफ चल रहा है। अब खान एवं भूतत्व विभाग को खुफिया रिपोर्ट मिली है। बिहार पुलिस मुख्यालय के खुफिया विभाग ने डेढ़ दर्जन माफियाओं का नाम भी उजागर किया है।
बिहार की जीवनदायिनी बागमती के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। माफिया बेधड़क बागमती के बालू का अवैध खनन कर कालाबाजार में नीलाम कर रहे हैं। इससे तटबंध पर भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय प्रशासन की अनदेखी से चल रहे इस गोरखधंधे पर खुफिया विभाग की नजर पड़ी है। खुफिया विभाग ने अवैध खनन कर रहे औराई के डेढ़ दर्जन माफिया की सूची जारी करते हुए पुलिस, प्रशासन को इनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया है।
बागमती की बोली लगाने वाले बालू माफियाओं का कारोबार वर्षों से बेखौफ चल रहा है। अब खान एवं भूतत्व विभाग को खुफिया रिपोर्ट मिली है। बिहार पुलिस मुख्यालय के खुफिया विभाग ने न केवल बागमती के अवैध खनन की जानकारी दी है, बल्कि डेढ़ दर्जन माफियाओं का नाम भी उजागर किया है। खुफिया विभाग की इस सूची से हड़कंप मच गया है। अब कार्रवाई का जिम्मा सीधे डीएम और एसएसपी को दिया गया है। खान एवं भूतत्व विभाग ने खुफिया विभाग से मिली माफियाओं की सूची दोनों अधिकारियों को भेजते हुए इनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा है। विशेष शाखा के पुलिस अधीक्षक ने इन अधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट भी तलब की है।
नई और पुरानी धारा प्रभावित
नेपाल के बाद बागमती नदी शिवहर, सीतामढ़ी होते हुए मुजफ्फरपुर और दरभंगा से गुजरती है। कटौझा से आगे बेनीपुर रेलवे गाइड बांध से इसकी मुख्य धारा बदल जाती है। इसके आगे बागमती अपने दक्षिणी तटबंध की ओर मुड़कर मुख्य धारा का रूप ले लेती है। पुरानी मुख्यधारा के आगे बेनीपुर, नयागांव, बभनगामा और चाहूंता गांव हैं, जहां पुरानी मुख्य धारा पूरी तरह सूख चुकी है। ये गांव खनन माफिया का अखाड़ा बन गया हैं। यहां धड़ल्ले से बालू का अवैध खनन चल रहा है। बालू के खनन से अब बागमती की धारा ही प्रभावित नहीं हो रही, बल्कि इसके डाउन तटबंध पर भी खतरा पैदा हो गया है। वर्तमान में दोनों तटबंध के बीच महुआरा, महेशबारा, चैनपुर, जनाढ़, भरथुआ, राघोपुर, तरबन्ना, बभनगामा, हरनी टोला, बाड़ा खुर्द, बड़ा बुजुर्ग, मधुबन गांव में खनन माफिया बागमती के बालू का सौदा कर रहे हैं।
सड़क निर्माण की आड़ में अवैध ढुलाई
बागमती के दोनों तटबंध पर सड़क बन रही है। उत्तरी तटबंध में कटौझा से बसघट्टा तक और दक्षिणी तटबंध में जनाढ से महेसबड़ा तक करीब 13-13 किमी में निर्माण कार्य चल रहा है। बालू माफिया इसकी आड़ में भी अवैध खनन कर रहे हैं। खुफिया विभाग ने अपने पत्र में बताया है कि बागमती के अस्तित्व और कानून व्यवस्था के लिए खतरा बने इन खनन माफियाओं की गिरफ्तारी आवश्यक है।
कार्रवाई से बचने को कई हथकंडे
अवैध खनन के लिए माफिया कई हथकंडे अपनाते हैं। ये तटबंध के अंदर जिस रैयत की जमीन होती है, उससे मिट्टी काटने का एग्रीमेंट कर लेते हैं। एक बार एग्रीमेंट हो जाने के बाद बागमती की धारा और उपधारा में बेधड़क बालू खनन किया जाता है। पकड़े जाने पर माफिया रैयत का एग्रीमेंट दिखाकर बच निकलते हैं। खुफिया विभाग ने इस खेल को पकड़ने के बाद इन माफियाओं को चिह्नित किया है।

लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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