गांवों में सफाई, पानी और बैनर पर टैक्स की तैयारी, दीपक प्रकाश के विभाग से कैबिनेट को प्रस्ताव
बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के विभाग ने राज्य के गांवों में टैक्स वसूली से संबंधित एक प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा है। इस प्रस्ताव के तहत गांवों में पानी और सफाई पर कर लगाने की तैयारी है। इसके अलावा होर्डिंग या बैनर लगाने पर टैक्स लेने की बात प्रस्ताव में कही गई है।
बिहार में पंचायती राज मंत्रालय ने राज्य के गांवों में टैक्स वसूली को लेकर बड़ा प्रस्ताव तैयार किया है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के मंत्रालय की तरफ से तैयार किए गए प्रस्ताव के तहत अब बिहार के गांवों में रहने वाले लोगों की जेब पर बोझ बढ़ने वाली है। गांवों में सफाई और पानी के उपयोग पर लोगों को टैक्स देना होगा। नगर निगम की तरह ही पंचायतों में भी होल्डिंग टैक्स लगेगा। ग्रामीणों से उनके घरों और दुकानों के लिए संबंधित ग्राम पंचायतें कर (टैक्स) वसूलेंगी। पंचायत क्षेत्र में सरकारी या निजी भवनों पर होर्डिंग और बैनर लगाने के लिए शुल्क देना होगा। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेज दिया है। राज्य कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद यह व्यवस्था बिहार के सभी गांवों में लागू हो जाएगी।
पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। 16 वीं केंद्रीय वित्त आयोग ने देश भर के पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की अनुशंसा की है। आयोग की अनुशंसा पर केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद आने वाले वर्षों में वित्त आयोग से पंचायतों को मिलने वाली अनुदान राशि में कटौती संभव है। वित्त आयोग की अनुशंसा है कि ग्रामीण इलाकों में प्रत्येक घरों से सालाना औसतन एक हजार रुपये से अधिक कर के रूप में वसूल कर पंचायत अपनी आय बढ़ाने का प्रयास करे।
पीएम आवास योजना से बने घरों के लिए संबंधित विभाग देगा टैक्स
पीएम आवास योजना के तहत बने गरीबों के घरों के लिए सालाना होल्डिंग टैक्स सबंधित विभाग (ग्रामीण विकास विभाग) देगा। पंचायत क्षेत्रों में निर्माण कार्य के लिए भी विभिन्न विभागों से आवश्यकतानुसार पंचायतों को कर वसूलने का हक होगा।
● गांवों की संख्या : 45103
● पंचायतों की संख्या : 8053
● गांवों में आबादी : 10 करोड़ से अधिक (अनुमानित)
● पंचायतों में विकास कार्य के लिए राशि : केंद्रीय और राज्य वित्त आयोग से
आवासीय और व्यावसायिक आवास के लिए अलग-अलग कर
प्रस्ताव के तहत आवासीय भवनों पर व्यावसायिक भवनों की तुलना में कम टैक्स लगेगा। व्यावसायिक भवनों का आकार बाजार और व्यावसाय के हिसाब से तय होगा। मुख्य सड़क और गली स्थित भवनों के लिए भी कर में अंतर हो सकता है। ग्राम पंचायतों के तहत आने वाले बाजार क्षेत्र में भी आवासीय भवनों पर कर सुदूर गांवों के घरों की तुलना में अधिक कर लगेगा। भवनों के व्यावसायिक उपयोग पर अधिक कर देना होगा।


