बिहार की पंचायतों में 2 दर्जन से अधिक तरह के टैक्स लगेंगे, गांव के तीर्थ स्थल भी कर के दायरे में

पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरो
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बिहार के पंचायतों में स्थित तीर्थ स्थल से लेकर पशु बूचरखाना तक पर टैक्स लगेगा। हाट और मेला पर भी शुल्क लगेगा। ग्रामीणों और व्यावसायियों से टैक्स लेने के पीछे तर्क है कि इससे पंचायतों की आय बढ़ेगी।

पंचायतीराज मंत्री दीपक प्रकाश

Bihar News: बिहार की पंचायतों में दो दर्जन से अधिक तरह की कर (टैक्स) वसूली होगी। टैक्स एक रुपये से पांच हजार रुपये तक का होगा। पंचायतों में स्थित तीर्थ स्थल से लेकर पशु बूचरखाना तक पर टैक्स लगेगा। हाट और मेला पर भी शुल्क लगेगा। ग्रामीणों और व्यावसायियों से टैक्स लेने के पीछे तर्क है कि इससे पंचायतों की आय बढ़ेगी। त्रिस्तरीय ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर बनेंगी। राज्य सरकार ने बुधवार को पंचायतों में कर वसूली दर को मंजूरी दी है। इसमें संशोधन भी हो सकता है। पंचायती राज विभाग के अनुसार कर वसूलने का प्रावधान बिहार पंचायत राज अधिनियम-2006 की धारा 27 में ही है। अब सरकार ने पंचायतों द्वारा कर, फीस और शुल्क की अधिकतम दरें तय कर दी हैं।

पक्का मकान वालों को सालाना 100 रुपये देना होगा

निजी आवासीय भवन पर होल्डिंग कर सालाना अधिकतम 100 रुपये होंगे। पक्का घर के लिए 100 रुपये, अर्द्वपक्का घर के लिए 50 रुपये कर लगेगा। जिनके घर मिट्टी के हैं, उनसे कर नहीं लिया जायेगा। प्रधानमंत्री आवास या इंदिरा आवास के लिए 25 रुपये सालाना कर हैं। यह राशि संबंधित प्रशासी विभाग (ग्रामीण विकास विभाग) से ली जायेगी। पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए कर का प्रावधान किया गया है।

व्यावसायिक भवन और व्यवसाय पर अधिक कर

व्यावसायिक, औद्योगिक और संस्थागत उपयोग वाले भवन पर 100 रुपये से 5 हजार रुपये तक सालाना कर लगेगा। पंचायत क्षेत्र के तहत पेशा शुल्क भी लगेगा। व्यावसायी द्वारा स्थापित चालव मिल जिसकी क्षमता 2 टन प्रति घंटा से अधिक है, उस पर कर लगेगा। सिनेमा हॉल, विवाह भवन, होटल, पेट्रोल पंप और रसोई गैस एजेंसी पर सालाना 5 हजार रुपये शुल्क लगेगा। पशु मेला में बिक्री होने वाले पशु के लिए शुल्क लगेगा।

सफाई और पेयजल के लिए मासिक शुल्क

पेयजलापूर्ति और कचरा उठाव के लिए प्रतिमाह 30 रुपये प्रति उपभोक्ता परिवार लिया जायेगा। सार्वजनिक शौचालय के उपयोग पर भी शुल्क लगेगा। पंचायतों में संचालित पक्का दुकान और कच्चा (गुमटी) दुकान से भी कर लिया जायेगा। बस पड़ाव, टेंपो स्टैंड पर प्रति वाहन शुल्क लगेगा।

क्या बोले पंचायती राज मंत्री?

टैक्स लगाने को लेकर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि टैक्स के प्राप्त राशि से पंचायतों का विकास होगा। पंचायतें आत्म निर्भर बनेंगी। इन संस्थाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कर की दरों का निर्धारण किया गया है। हालांकि, पहले उन्होंने गांवों में कर प्रणाली शुरू करने का विरोध किया था। विपक्षी दल भी इसका विरोध कर सकते हैं।

Sudhir Kumar

लेखक के बारे में

Sudhir Kumar

टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।

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