
परदेस घर लौटे मजदूर पत्नियों को दे रहे एड्स, गर्भवती महिलाएं भी HIV संक्रमित; बढ़ी चिंता
महिलाओं में एचआईवी संक्रमण का तेजी से बढ़ाना चिंता का विषय है। अधिकांश संक्रमित महिलाएं निम्न वर्गीय परिवार से आती है। उनके पति बाहर रहकर कमाते हैं। इस दौरान जानकारी के अभाव में असुरक्षित यौन संपर्क के कारण महिलाएं एचआईवी संक्रमण का शिकार हो जा रही है।
बिहार के पूर्णिया जिले में एड्स पांव पसारने लगा है। यहां बनमनखी में परदेस से कमा कर घर लौट रहे मजदूर पत्नियों को एड्स दे रहे हैं। यहां पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में एचआईवी संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इस साल अब तक सर्वाधिक महिलाएं एचआईवी संक्रमित मिली है। महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे एचआईवी संक्रमण को लेकर विभाग अलर्ट है। आईसीटीसी काउंसलर रमेश गोस्वामी ने बताया कि बनमनखी अनुमंडलीय अस्पताल में स्थित मॉडल टीपीटीसीटी केंद्र में इस साल एचआईवी जांच कराने पहुंचे लोगों में अब तक कुल 14 लोग एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं जिसमें 8 महिलाएं एवं 6 पुरुष शामिल हैं। इन 8 महिलाओं में दो गर्भवती महिलाएं हैं। सभी संक्रमित लोगों को काउंसलिंग के बाद बेहतर इलाज के लिए पुर्णिया स्थित एआरटी सेंटर भेजा गया है जहां उनका उपचार चल रहा है ।
किस तरह के पुरुष हो रहे हैं एचआईवी संक्रमित
ईसीटीसी काउंसलर रमेश गोस्वामी ने बताया कि एचआईवी संक्रमित पुरुषों में अधिकांश लोग मजदूर वर्ग के मिले हैं जो बाहर रह कर दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। जानकारी एवं और सावधानी के कारण ऐसे लोग एचआईवी का शिकार हो रहे हैं। आईसीटीसी काउंसलर रमेश गोस्वामी बताते हैं कि महिलाओं में एचआईवी संक्रमण का तेजी से बढ़ाना चिंता का विषय है। अधिकांश संक्रमित महिलाएं निम्न वर्गीय परिवार से आती है। उनके पति बाहर रहकर कमाते हैं।
इस दौरान जानकारी के अभाव में असुरक्षित यौन संपर्क के कारण महिलाएं एचआईवी संक्रमण का शिकार हो जा रही है। समय पर जांच एवं इसका पता नहीं लगने के कारण अन्य लोगों में भी एड्स फैलने का खतरा बढ़ जाता है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संपर्क से संक्रमित सीरिंजो व सूईयों के पुनः उपयोग, एचआईवी संक्रमित रक्त या रक्त उत्पाद चढ़ाने, एचआईवी संक्रमित मां से उसके होने वाले शिशुको फैलता है।





