
कांग्रेस-RJD के बीच कुछ टूट रहा है क्या? मनोज झा के ट्वीट से महागठबंधन पर अटकलों का सैलाब
संक्षेप: मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मिले बिना तेजस्वी यादव पटना लौट आए हैं। तेजस्वी के दिल्ली से निकलते ही मनोज झा ने एक ऐसा ट्वीट किया है, जिसने राजद और कांग्रेस के गठबंधन पर अटकलों का सैलाब ला दिया है।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे या फिर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिले बिना पटना लौट आए हैं। IRCTC केस में पेशी के लिए तेजस्वी रविवार को दिल्ली गए थे। तेजस्वी के दिल्ली से निकलते ही राजद सांसद मनोज झा ने एक ऐसा ट्वीट किया है, जिससे कांग्रेस और राजद के गठबंधन पर अटकलबाजी शुरू हो गई है। मनोज ने रहीम का दोहा ट्वीट किया- “रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो छिटकाय। टूटे से फिर न मिले, मिले गांठ परिजाय” और लिख दिया- “हर अवसर के लिए प्रासंगिक…।”

विपक्षी दलों के महागठबंधन में सीट बंटवारे पर तनातनी के बीच मनोज ने दोहे को हर अवसर के लिए प्रासंगिक बताकर संकेत दे दिया है कि लालू यादव और सोनिया गांधी के जमाने का यह गठबंधन गंभीर संकट में है। दोहे का अर्थ है- प्रेम का रिश्ता नाजुक होता है, इसे झटके से नहीं तोड़ना चाहिए, क्योंकि एक बार यह टूट जाए तो फिर जुड़ता नहीं और अगर जुड़ भी जाए तो गांठ रह जाती है। वैसे, आरजेडी और कांग्रेस 2010 में अलग लड़ चुकी हैं। राजद को 22 और कांग्रेस को 4 सीट आई थी।
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महागठबंधन में कई दिनों से बातचीत और बैठक के बावजूद सीट बंटवारा नहीं हुआ है। राजद ने कांग्रेस को 2020 से कम सीटें लड़ने कहा है, क्योंकि तब वो 70 सीट लड़कर 19 ही जीत पाई थी और तेजस्वी 12 सीट के अंतर से सरकार बनाने से चूक गए थे। राजद का कांग्रेस से कहना है कि सीट उतनी और वही लेना चाहिए, जिसे ठीक से लड़ा और जीता जा सके। कांग्रेस कह रही है कि 70 सीट से नीचे तभी जाएंगे, जब पसंद से सीट मिले। कांग्रेस का तर्क है कि उसे 70 सीट जो दी गई थी, उनमें ज्यादातर कमजोर सीट थी।
कांग्रेस ने बिहार में जबसे कृष्णा अल्लावरु को प्रभारी बनाकर भेजा है, तब से उसका एक दबाव राजद पर है। राहुल गांधी की यात्राओं से उसमें इजाफा हुआ है। ना सीएम फेस पर बात बन पा रही है और ना सीट पर। कई दिनों से सीट की बात अंतिम दौर में है, लेकिन अंत ही नहीं हो रहा है। तेजस्वी सोमवार को कुछ देर कोर्ट में पेशी के बाद पूरे दिन दिल्ली में रहे लेकिन राहुल गांधी या खरगे से मुलाकात नहीं हुई।
अलबत्ता छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम के आवास पर संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और दूसरे नेताओं ने तेजस्वी यादव और उनके सांसद संजय यादव के साथ बैठक की। वेणुगोपाल को छोड़ दें तो बैठक में ज्यादातर वही नेता थे जो पटना में इतने दिनों से तेजस्वी और दूसरे सहयोगी दलों के साथ मीटिंग कर रहे हैं।
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इंडिया अलायंस में अंदर से बहुत तनाव है। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के नेता मुकेश सहनी ने कल इस बात की पुष्टि कर दी, जब उन्होंने कहा कि महागठबंधन अस्वस्थ है, दिल्ली में इलाज से ठीक हो जाएगा। सहनी भी पटना लौट आए हैं। मुकेश सहनी परेशान हैं, क्योंकि जब तेजस्वी को ही सीएम घोषित करने पर कांग्रेस सहमत नहीं है, तो मुकेश सहनी और डिप्टी सीएम को कौन पूछ रहा है।
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मनोज झा के ट्वीट के बाद कांग्रेस और राजद में गठबंधन बने रहने को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है। राजनीतिक गलियारों में ट्वीट की टाइमिंग और संदेश का विश्लेषण चल रहा है। सोशल मीडिया पर कांग्रेस और राजद के समर्थक भिड़ चुके हैं, एक-दूसरे का अहसान गिनवा रहे है। यह समझा जा रहा है कि कांग्रेस के अधिक सीटों की मांग पर अड़ने के बाद ही मनोज झा ने शायरी पोस्ट किया है। हालांकि, राजद को भरोसा है कि महागठबंधन अटूट रहेगा। तभी तेजस्वी ने पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा कि महागठबंधन एकजुट है और एक-दो दिन में घोषणा हो जाएगी।





