
मांझी-कुशवाहा की नहीं चली, दोनों 6-6 पर सेट; बिहार NDA में 29 सीट के साथ चिराग फिर सिकंदर
संक्षेप: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए के सीट बंटवारे में जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को 6-6 सीटों पर सेट कर दिया गया है। वहीं, चिराग पासवान 29 सीटें पाकर एक बार फिर गठबंधन में सिकंदर बन गए हैं।
बिहार एनडीए में विधानसभा चुनाव के लिए हुए सीट बंटवारे में हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) के सुप्रीमो जीतनराम मांझी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की नहीं चल पाई। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दोनों ही दलों को 6-6 सीटें देकर संतुष्ट कर दिया। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान सीट बंटवारे में एक बार फिर सिकंदर बन गए हैं। उनकी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें मिली हैं। वहीं, भाजपा और जेडीयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी सीट बंटवारे से पहले अपनी पार्टी के लिए 15 सीटों की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि हम को मान्यता प्राप्त पार्टी का दर्जा दिलाने के लिए 8-9 विधायकों की जरूरत है, ऐसे में उन्हें कम से कम इतनी सीटें लड़ने के लिए दी जाएं जिससे उनकी पार्टी को दर्जा मिल सके। उन्होंने भाजपा को 15 सीटों की लिस्ट भी सौंपी थी। हालांकि, उन्हें 6 सीटें ही मिल पाई हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में मांझी की पार्टी ने एनडीए में रहकर 7 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 4 पर जीत दर्ज की थी।
राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम को बिहार चुनाव 2025 में एनडीए के तहत मांझी के बराबर 6 सीटें मिली हैं। हालांकि, वे 10 से ज्यादा सीटों की मांग कर रहे थे। यहां तक कि उन्होंने लगभग 20 विधानसभा सीटों की लिस्ट भाजपा को सौंपी थी। बता दें कि 2024 लोकसभा चुनाव में काराकाट से हारने के बाद कुशवाहा को भाजपा और जदयू के सहयोग से राज्यसभा भेजा गया था।
दूसरी ओर, एनडीए के विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे में चिराग पासवान सिकंदर बनकर उभरे हैं। वैसे तो उन्होंने 40 सीटों की मांग की थी। सूत्रों के अनुसार, भाजपा चिराग को 25 से कम सीटों पर मनाने की कोशिश कर रही थी। उन्हें 29 सीटें मिली हैं। पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में भी चिराग की एलजेपी-आर को एनडीए में 5 सीटें मिली थीं और पांचों पर पार्टी ने जीत दर्ज की थी, जबकि मांझी और कुशवाहा को 1-1 लोकसभा सीट ही मिली थी।





